News India Live, Digital Desk: आज शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज ‘बगलामुखी जयंती’ मनाई जा रही है। मां बगलामुखी दसों महाविद्याओं में से एक हैं और उनकी पूजा शत्रुओं पर विजय और बाधाओं के नाश के लिए की जाती है। शुक्रवार का दिन होने के कारण आज मां लक्ष्मी और मां बगलामुखी दोनों की कृपा पाने का विशेष योग बन रहा है।आज के पंचांग का पूरा विवरण (24 अप्रैल 2026)आज के दिन की ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी, जिसे जानकर आप अपने दिन की शुरुआत शुभ तरीके से कर सकते हैं:तिथि: अष्टमी (शाम 07:21 बजे तक, उसके बाद नवमी शुरू)।नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र (दोपहर 01:15 बजे तक, उसके बाद आश्लेषा)।योग: धृति योग (शाम 06:45 बजे तक, उसके बाद शूल योग)।करण: विष्टि (भद्रा) सुबह 08:32 बजे तक, फिर बव।चंद्र राशि: कर्क।सूर्य राशि: मेष।शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समयकिसी भी शुभ कार्य को करने से पहले शुभ मुहूर्त और वर्जित राहुकाल का समय जानना आवश्यक है। आज के मुख्य समय इस प्रकार हैं:अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:53 से 12:45 तक (शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ)।विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 से 03:22 तक।अमृत काल: सुबह 06:48 से 08:21 तक।राहुकाल: सुबह 10:44 से दोपहर 12:22 तक (इस दौरान शुभ कार्य वर्जित हैं)।भद्रा: सुबह 08:32 बजे तक।बगलामुखी जयंती: ‘पीताम्बरा’ की पूजा का महत्वआज वैशाख अष्टमी होने के नाते बगलामुखी जयंती मनाई जा रही है। मां बगलामुखी को ‘पीला’ रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए आज की पूजा में पीले वस्त्र, पीले फूल, हल्दी की गांठ और पीली मिठाई का प्रयोग विशेष रूप से किया जाता है। यदि आप कोर्ट-कचहरी के मामलों में फंसे हैं या गुप्त शत्रु आपको परेशान कर रहे हैं, तो आज का दिन उनकी साधना के लिए सबसे उत्तम है।शुक्रवार के विशेष उपाय: बरसेगी सुख-समृद्धिशुक्रवार का दिन धन की देवी लक्ष्मी को समर्पित है। आज के दिन लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें और गाय को ताजी रोटी में गुड़ मिलाकर खिलाएं। चूंकि आज अष्टमी भी है, इसलिए शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
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