
बिहार की राजनीतिक गलियारों में इन दिनों उठापटक का दौर लगातार जारी है। आगामी एमएलसी (MLC) चुनाव के बीच सत्ताधारी दल जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर घमासान मच गया है। जेडीयू के बागी विधायक अनंत सिंह द्वारा पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ जाकर जन सुराज (Jan Suraaj) के प्रत्याशी का खुला समर्थन किए जाने के बाद से राजनीतिक तापमान काफी हाई हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से यह सवाल हर किसी की जुबान पर है कि क्या पार्टी जल्द ही अनंत सिंह के खिलाफ कोई कड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए उन्हें बाहर का रास्ता दिखाएगी?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज समर्थित प्रत्याशी अनुज सिंह के नामांकन कार्यक्रम में जेडीयू विधायक अनंत सिंह की मौजूदगी ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। पार्टी लाइन से हटकर उठाए गए इस कदम की गूंज पहले ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुकी है।
पार्टी नेताओं के अलग-अलग बयान, मंत्री अशोक चौधरी ने दी प्रतिक्रिया
जब इस पूरे मामले पर जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों से सवाल किया गया, तो उनकी तरफ से सधी हुई प्रतिक्रियाएं सामने आईं। पार्टी के वरिष्ठ मंत्री अशोक चौधरी ने इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी इस पूरे मामले की पूरी गंभीरता से जांच करेगी और उसके बाद ही तय किया जाएगा कि आगे क्या और किस प्रकार की कार्रवाई की जानी है।
दूसरी तरफ, जेडीयू कोटे से सरकार में मंत्री मदन सहनी ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी और कहा, "इस तरह के चुनावों में अक्सर कुछ लोग इधर-उधर के फैसले लेते रहते हैं। इस पर पार्टी नेतृत्व ही अंतिम निर्णय लेगा। इसके लिए बहुत ज्यादा चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है, और आगामी चुनावों में एनडीए के सभी उम्मीदवार ही पूर्ण बहुमत के साथ विजयी होंगे।"
कांग्रेस और सोनिया गांधी पर मदन सहनी का पलटवार
इसके साथ ही, मंत्री मदन सहनी ने कांग्रेस पार्टी और सोनिया गांधी द्वारा दिए गए बयानों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सोनिया गांधी ने उस समय उनके नेता नीतीश कुमार को सही से पहचानने में बहुत बड़ी भूल की थी, जिसका पछतावा अब उन्हें हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ने उस दौरान नीतीश कुमार के नेतृत्व में एकजुट होकर काम किया होता, तो आज देश की राजनीतिक तस्वीर कुछ और ही होती।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचा है, तो वे चुनाव आयोग पर बेबुनियाद आरोप मढ़ रहे हैं। जनता सब जानती है और अगर चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की कोई भूमिका होती, तो आज विपक्षी दल शून्य (0) पर आउट नहीं होते।
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