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अब बाजार से आधी कीमत पर मिलेगी सीधे रेत, सिंडिकेट राज की कमर तोड़ने को सरकार ने बनाया मास्टरप्लान

पश्चिम बंगाल में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे गरीब परिवारों के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद शानदार और राहत भरी बड़ी घोषणा की है। राज्य में घर बनाने वाली निर्माण सामग्री की आसमान छूती कीमतों और बिचौलियों यानी सिंडिकेट के आतंक से परेशान प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के लाभार्थियों को अब चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में मकान बना रहे गरीब परिवारों को बाजार दर से काफी कम कीमत पर सीधे रेत (बालू) उपलब्ध कराने की एक मुकम्मल और पारदर्शी व्यवस्था तैयार कर ली है।

इस जनकल्याणकारी योजना को धरातल पर उतारने के लिए जमीनी स्तर पर विस्तृत सर्वेक्षण (Survey) का काम भी पूरा कर लिया गया है। आगामी महीने से प्राथमिक तौर पर बीरभूम जिले के लगभग 11 ब्लॉकों में इस नई व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू कर दिया जाएगा, जिसे बाद में क्रमिक रूप से पूरे पश्चिम बंगाल में लागू करने की योजना है।

बीरभूम के सूरी में मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने किया बड़ा एलान, भ्रष्टाचार पर बोला सीधा हमला

इस ऐतिहासिक और नई व्यवस्था की आधिकारिक घोषणा बीरभूम के सूरी-एक ब्लॉक में आयोजित एक विशाल जन कल्याण शिविर को संबोधित करते हुए राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री व स्थानीय विधायक जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने की। मंत्री ने जनता को भरोसा दिलाया कि अब गरीबों के हक के पैसे पर कोई भी बिचौलिया डाका नहीं डाल पाएगा। पारदर्शी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए मंत्री ने मंच से कुछ ऐसे चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए, जिसने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है।

उन्होंने बताया कि सिंडिकेट राज और 'फर्जी चालान' के खिलाफ मुख्यमंत्री के कड़े और स्पष्ट निर्देशों के बाद प्रशासनिक मुस्तैदी का ही नतीजा है कि बीरभूम के महज 10 पत्थर चेक गेटों से पिछले एक महीने (17 मई से 16 जून) के भीतर 72 करोड़ 78 लाख रुपये का रिकॉर्ड राजस्व (Revenue) सरकारी खजाने में जमा हुआ है।

पहले टीएमसी फंड में जाता था विकास का पैसा, अब सरकारी खजाने में आ रहा रिकॉर्ड रेवेन्यू

पिछली सत्ता और व्यवस्था पर भ्रष्टाचार का सीधा आरोप मढ़ते हुए शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि पहले के दौर में जब भी चुनाव आते थे, तो विकास का पैसा सरकारी तंत्र से लूटकर सीधे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनावी कोष में डाइवर्ट कर दिया जाता था। यही वजह थी कि उस समय मासिक राजस्व संग्रह महज 9 करोड़ से 22 करोड़ रुपये के बीच ही सिमट कर रह जाता था और बाकी का सारा पैसा सिंडिकेट माफिया डकार जाते थे।

उन्होंने कहा कि हाल ही में बकरीद के त्योहार की छुट्टियों के कारण चेक गेटों से मिलने वाले राजस्व में थोड़ी बहुत कमी देखी गई है, अन्यथा आगामी महीनों में यह सरकारी राजस्व का आंकड़ा 100 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक मील के पत्थर को आसानी से छू लेगा।

धूल की परत बिछाकर टैक्स चोरी करने वालों को चेतावनी, पकड़ाए तो लगेगा दोगुना जुर्माना

सूरी के मंच से मंत्री ने क्षेत्र के अवैध कारोबारियों और बालू-पत्थर माफियाओं को बेहद सख्त लहजे में अंतिम चेतावनी भी दे डाली। उन्होंने कहा कि जो भी अवांछित तत्व या ट्रांसपोर्टर ट्रकों में कीमती पत्थरों और रेत के ऊपर धूल या मिट्टी की परत बिछाकर टैक्स चोरी करने या उसकी अवैध तस्करी करने का प्रयास करेंगे, प्रशासन उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करेगा।

ऐसे ओवरलोडेड और अवैध वाहनों के पकड़े जाने पर न सिर्फ गाड़ी सीज की जाएगी, बल्कि उनके मालिकों से दोगुना जुर्माना भी वसूला जाएगा। सरकार के इस सख्त रुख से जहां एक तरफ अवैध सिंडिकेट चलाने वालों में हड़कंप है, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री आवास योजना के ग्रामीण लाभार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है क्योंकि अब उनका पक्का मकान बेहद कम खर्च में बनकर तैयार हो जाएगा।