
भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा फेरबदल करते हुए पिछले 11 वर्षों से पार्टी के डिजिटल चेहरे रहे अमित मालवीय को आईटी सेल प्रमुख के पद से मुक्त कर दिया है। उनकी जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हस्के को नया सोशल मीडिया हेड नियुक्त किया गया है। अमित मालवीय, जिन्होंने पश्चिम बंगाल में पार्टी की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई थी, उनका बाहर होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
उम्र और समीकरणों का 'गणित'
पार्टी सूत्रों के अनुसार, अमित मालवीय को पद से हटाने का फैसला अचानक नहीं लिया गया। मालवीय ने स्वयं 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद नेतृत्व से जिम्मेदारी मुक्त करने की इच्छा जताई थी। सबसे बड़ी बाधा 'अति-प्रतिनिधित्व' की रही। उत्तर प्रदेश से आने वाले हरीश द्विवेदी (ब्राह्मण कोटा) को महासचिव बनाए जाने के बाद, उसी राज्य और उसी समुदाय से आने वाले अमित मालवीय को उसी स्तर पर समायोजित करना व्यावहारिक नहीं था। इसके अलावा, पार्टी के मानदंडों के अनुसार, वे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष या सचिव जैसे वरिष्ठ पदों के लिए अभी उम्र के लिहाज से उतने वरिष्ठ नहीं माने गए हैं।
पश्चिम बंगाल की जीत और मालवीय का योगदान
भले ही आईटी सेल प्रमुख के रूप में उन पर विपक्ष लगातार हमले करता रहा, लेकिन पार्टी के भीतर मालवीय का कद काफी ऊंचा रहा है। पिछले छह वर्षों से बंगाल के सह-प्रभारी के रूप में काम करते हुए, उन्होंने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने में जो भूमिका निभाई, उसे पार्टी नेतृत्व ने काफी सराहा है। उनके कार्यकाल में बीजेपी के सोशल मीडिया फॉलोअर्स में जबरदस्त उछाल आया। 2013 में 'एक्स' (ट्विटर) पर 2-3 लाख फॉलोअर्स से शुरू हुआ सफर आज 2.3 करोड़ तक पहुंच चुका है।
नई टीम के सामने 'Gen Z' की चुनौती
दीपक म्हस्के के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती उस डिजिटल नैरेटिव को आगे ले जाने की है जिसे मालवीय ने स्थापित किया था। नई टीम का फोकस अब केवल पारंपरिक सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 'जेन जेड' (Gen Z) युवाओं को पार्टी से जोड़ने पर होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल लोकप्रियता को और विस्तार देना और विपक्ष के हमलों का उसी आक्रामकता से जवाब देना नई टीम की प्राथमिकता होगी।
अमित मालवीय का भविष्य क्या होगा?
फिलहाल पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल संगठनात्मक बदलाव का हिस्सा है। हालांकि, अमित मालवीय का अगला कदम क्या होगा, यह अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। संगठन में उनके योगदान को देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें किसी अन्य बड़ी जिम्मेदारी में जरूर शामिल करेगी।
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