
अमेरिका के कनेक्टिकट राज्य से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पैर का टखना (Ankle) टूटने के बाद सामान्य इलाज के लिए अस्पताल पहुंची एक 21 वर्षीय कॉलेज छात्रा की पेनकिलर्स के अत्यधिक ओवरडोज के कारण मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद अमेरिकी स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
खेत में काम करते समय टूटा था पैर का टखना
मिली जानकारी के अनुसार, 21 वर्षीय डेल एलिस मार्टिन टेक्सास की प्रतिष्ठित ट्रिनिटी यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी और इतिहास विषय की पढ़ाई कर रही थीं। गत वर्ष 10 अप्रैल 2025 को खेत में काम करने के दौरान वह दुर्घटना का शिकार हो गई थीं, जिससे उनके पैर का टखना टूट गया था। तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए वाटरबरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार को यह बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि एक सामान्य सी हड्डी टूटने का इलाज उनकी बेटी के लिए जानलेवा साबित हो जाएगा।
महज 14 घंटे के भीतर दे दिया गया पेनकिलर्स का कॉकटेल
अदालत में दायर की गई कानूनी याचिका के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने के कुछ ही घंटों के भीतर डेल मार्टिन की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और अंततः सांस पूरी तरह रुकने से उनकी मौत हो गई। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने महज 14 घंटे की अवधि के भीतर छात्रा को इतनी अधिक मात्रा में दर्द निवारक दवाओं (Painkillers) का खतरनाक कॉकटेल दे दिया कि उनके फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया। दवाओं के अत्यधिक और घातक असर से वह इतनी गहरी बेहोशी की स्थिति में चली गईं कि दम घुटने की स्थिति में भी वह मदद के लिए किसी को आवाज नहीं दे सकीं।
निगरानी में लापरवाही और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा
परिवार का यह भी आरोप है कि इस पूरी संवेदनशील अवधि के दौरान अस्पताल के किसी भी स्टाफ मेंबर ने मरीज की नियमित और उचित निगरानी नहीं की। अगली सुबह करीब 7 बजे जब एक नर्स ने उन्हें देखा, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उनकी धड़कनें पूरी तरह बंद हो चुकी थीं। इसके बाद सामने आई ऑटोप्सी (पोस्टमार्टम) रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई कि एक साथ कई तरह की तीव्र दर्द निवारक दवाएं दिए जाने के कारण कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिससे उनकी जान चली गई।
अस्पताल प्रबंधन पर कानूनी शिकंजा और तीखी प्रतिक्रिया
इस मनहूस खबर ने मृतका के पिता लिंडसे मार्टिन और पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार ने अपने वकील क्रिस्टोफर मत्तेई के माध्यम से अस्पताल प्रशासन को जवाबदेह ठहराने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कानूनी दस्तावेजों के अनुसार, वाटरबरी अस्पताल पहले कैलिफोर्निया की कंपनी 'प्रॉस्पेक्ट मेडिकल होल्डिंग्स' के अधीन संचालित होता था, जिसने जनवरी 2025 में खुद को दिवालिया घोषित कर दिया था। इसके बाद वित्तीय संकट से जूझ रहे इस अस्पताल का अधिग्रहण 'हार्टफोर्ड हेल्थकेयर' द्वारा कर लिया गया। हालांकि, नए प्रबंधन के एक प्रतिनिधि ने इस पुरानी घटना पर कोई भी टिप्पणी करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया है कि यह मामला उनके अधिग्रहण से पहले का है।
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