
भागदौड़ भरी इस आधुनिक जीवनशैली और खान-पान की अनियंत्रित आदतों के चलते आज के समय में एनीमिया यानी शरीर में खून की कमी एक बहुत ही आम और गंभीर समस्या बन चुकी है। खासकर महिलाओं, युवतियों और बढ़ती उम्र के बच्चों में हीमोग्लोबिन का स्तर लगातार गिरना एक चिंता का विषय बनता जा रहा है। डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट्स अक्सर शरीर में आयरन की कमी को दूर करने के लिए आयरन सप्लीमेंट्स यानी आयरन की गोलियां खाने की सलाह देते हैं। कई लोग लंबे समय तक नियमित रूप से आयरन की गोलियां खाते हैं, इसके बावजूद जब वे अपना ब्लड टेस्ट कराते हैं तो उनका हीमोग्लोबिन का स्तर जस का तस बना रहता है या बहुत मामूली रूप से बढ़ता है। यदि आपके साथ भी ऐसी ही परेशानी आ रही है और आयरन खाने के बाद भी शरीर में खून की कमी दूर नहीं हो रही है, तो निश्चित रूप से आप अपनी दिनचर्या या खान-पान में कुछ ऐसी अनजाने गलतियां कर रहे हैं जो आयरन को आपके शरीर में पचने ही नहीं दे रही हैं। आइए विस्तार से जानते हैं उन प्रमुख कारणों और गलतियों के बारे में जिनके कारण आयरन टैबलेट्स बेअसर साबित होती हैं।
आयरन टैबलेट के साथ भूलकर भी न लें दूध, चाय या कॉफी, यह है सबसे बड़ी गलती
बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे सुबह या रात को आयरन की गोली खाने के तुरंत बाद एक कप गरमा-गरम चाय, कॉफी या फिर दूध का सेवन कर लेते हैं। यदि आप भी ऐसा ही करते हैं, तो आपकी यह एक छोटी सी आदत आपके सारे प्रयासों पर पानी फेर रही है। दूध में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, जबकि चाय और कॉफी में टैनिन और पॉलीफेनोल्स जैसे तत्व मौजूद होते हैं। वैज्ञानिक और चिकित्सीय शोध बताते हैं कि कैल्शियम और टैनिन दोनों ही तत्व आंतों में जाकर आयरन के अवशोषण (Absorption) की प्रक्रिया को पूरी तरह से ब्लॉक कर देते हैं। इसका मतलब यह है कि आप चाहे कितनी भी महंगी आयरन की गोलियां खा लें, यदि आप उन्हें दूध या कैफीनयुक्त चीजों के साथ ले रहे हैं, तो शरीर का पाचन तंत्र उस आयरन को सोख ही नहीं पाएगा और वह बिना किसी फायदे के शरीर से बाहर निकल जाएगा।
विटामिन सी की कमी के कारण शरीर में नहीं पच पाता आयरन
कई लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि केवल आयरन की गोलियां खा लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शरीर को उस आयरन को इस्तेमाल करने के लिए एक अन्य पोषक तत्व यानी विटामिन सी (Vitamin C) की भी उतनी ही आवश्यकता होती है। यदि आपके शरीर में विटामिन सी की भारी कमी है, तो आप जो भी आयरन सप्लीमेंट्स ले रहे हैं, वे ब्लड सेल्स तक ठीक से पहुंच नहीं पाते हैं। डॉक्टरों का सुझाव है कि आयरन की गोली हमेशा खट्टे फल जैसे नींबू का पानी, संतरा, मौसमी या आंवला जूस के साथ खानी चाहिए। विटामिन सी शरीर में जाकर आयरन के अणुओं को ऐसे रूप में बदल देता है जिसे हमारा पाचन तंत्र आसानी से सोखकर रेड ब्लड सेल्स यानी हीमोग्लोबिन में परिवर्तित कर सके। इसलिए अपने खान-पान में विटामिन सी की मात्रा को बढ़ाना आयरन के असर को दोगुना करने के लिए बेहद जरूरी है।
पेट की बीमारियां, एसिडिटी और दवाइयों का गलत कॉम्बिनेशन भी बनता है बाधा
अक्सर लोग बिना किसी डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से खुद ही आयरन की गोलियां खरीदकर खाना शुरू कर देते हैं, जिससे कई बार गलत डोज या गलत समय पर खाने से मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलता। इसके अलावा, यदि आपके पेट में क्रोनिक एसिडिटी, कब्ज, आईबीएस (IBS) या आंतों से जुड़ी कोई अन्य समस्या है, तो भी खाया गया आयरन शरीर में ठीक से एब्जॉर्ब नहीं हो पाता है। कई लोग एसिडिटी को कम करने के लिए एंटासिड या गैस की गोलियां खाते हैं, और उन्हीं के साथ आयरन की गोली भी निगल लेते हैं। एंटासिड दवाइयां पेट के एसिड को कम कर देती हैं, जबकि आयरन को पचने के लिए पेट में पर्याप्त अम्लीय (Acidic) वातावरण की आवश्यकता होती है। इस वजह से भी हीमोग्लोबिन बढ़ाने के आपके तमाम प्रयास विफल हो जाते हैं।
डाइट में फाइबर की अत्यधिक मात्रा या गलत खान-पान की आदतें
स्वस्थ रहने के लिए फाइबर युक्त भोजन खाना बहुत अच्छा माना जाता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा मात्रा में अनपचनीय फाइबर या फाइटेट्स से भरपूर चीजें (जैसे कुछ खास अनाज और सोया प्रोडक्ट्स) आयरन के साथ मिलकर एक ऐसा कॉम्प्लेक्स बना लेती हैं जो शरीर में पच नहीं पाता। इसके अलावा, आयरन की गोलियां खाली पेट खाने से कई लोगों को पेट में दर्द, मतली या कब्ज की शिकायत हो जाती है, जिसके डर से वे बीच में ही दवा खाना छोड़ देते हैं या अनियमित कर देते हैं। किसी भी सप्लीमेंट का पूरा लाभ उठाने के लिए यह बेहद जरूरी है कि उसे एक निश्चित समय पर और सही चिकित्सीय मार्गदर्शन में ही लिया जाए ताकि शरीर में खून की कमी को जड़ से खत्म किया जा सके।
हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए जीवनशैली में सुधार और सही तरीका अपनाना क्यों है जरूरी?
यदि आप वाकई चाहते हैं कि आपकी आयरन की गोलियां असर करें और आपका हीमोग्लोबिन स्तर तेजी से ऊपर उठे, तो आपको अपनी इन छोटी-छोटी आदतों में तुरंत बदलाव करना होगा। हमेशा आयरन की गोली पानी या विटामिन सी युक्त जूस के साथ लें, और इसे लेने के कम से कम दो घंटे आगे-पीछे दूध, चाय या कॉफी का सेवन बिल्कुल न करें। इसके साथ ही अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर, अनार, गुड़ और काले चने जैसी प्राकृतिक आयरन से भरपूर चीजों को शामिल करें। यदि इसके बाद भी आपका हीमोग्लोबिन नहीं बढ़ रहा है, तो किसी योग्य डॉक्टर से मिलकर अपने पेट के संक्रमण, विटामिन बी12 या फोलिक एसिड की कमी की जांच जरूर करवाएं, ताकि समस्या के मूल कारण का पता लगाकर उसका सटीक इलाज किया जा सके।
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