
देवभूमि उत्तराखंड अपनी अपार प्राकृतिक सुंदरता और सदियों पुराने रहस्यमयी मंदिरों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसी कड़ी में सरोवर नगरी नैनीताल के समीप स्थित 'कपिलेश्वर महादेव मंदिर' इन दिनों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। लगभग 1200 वर्ष प्राचीन माना जाने वाला यह ऐतिहासिक शिव मंदिर अपने आप में कई ऐसे अनसुलझे रहस्य समेटे हुए है, जो इतिहासकारों से लेकर आम श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर देते हैं। पवित्र सावन के महीने में इस अलौकिक धाम में भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है।
इटली की पीसा मीनार जैसा झुका है ढांचा, फिर भी सदियों से अडिग हैं 'कपिलेश्वर'
कपिलेश्वर महादेव मंदिर की सबसे बड़ी और हैरान करने वाली खासियत इसका वास्तुशिल्प है। सामान्य तौर पर प्राचीन भारतीय मंदिर सीधे कोण पर निर्मित होते हैं, लेकिन इस मंदिर का मुख्य ढांचा एक तरफ थोड़ा झुका हुआ है, जो देखने में इटली की प्रसिद्ध पीसा की मीनार (Leaning Tower of Pisa) की याद दिलाता है। कई शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए भी यह कौतूहल का विषय है कि सदियों से आए भीषण भूकंपों और प्राकृतिक आपदाओं के बाद भी यह तिरछा ढांचा ज्यों का त्यों सीना ताने खड़ा है। इसकी नक्काशी और प्राचीन बनावट आज भी इसकी समृद्ध ऐतिहासिक छाप को जीवंत रखती है।
एक ही रात में निर्माण की पौराणिक गाथा और स्वयंभू शिवलिंग का रहस्य
स्थानीय जनश्रुतियों और पौराणिक लोककथाओं के अनुसार, इस अद्भुत मंदिर का निर्माण केवल एक ही रात में हुआ था। मान्यता है कि दैवीय शक्तियों द्वारा रातों-रात इस पूरे मंदिर के ढांचे को तराशकर खड़ा कर दिया गया था। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग को 'स्वयंभू' माना जाता है, यानी इसकी स्थापना मानव द्वारा नहीं की गई, बल्कि यह प्राकृतिक रूप से धरती से स्वयं प्रकट हुआ है। पौराणिक आख्यानों के मुताबिक, प्राचीन काल में महर्षि कपिल (कपिल मुनि) ने इसी पवित्र स्थान पर बैठकर कठिन तपस्या की थी, जिसके कारण इस धाम का नाम 'कपिलेश्वर महादेव' पड़ा। मान्यता है कि सावन में यहां सच्चे मन से जल अर्पित करने वाले हर भक्त की मनोकामना महादेव अवश्य पूरी करते हैं।
सावन के पावन महीने में उमड़ती है आस्था, शांत प्रकृति देती है असीम सुकून
भगवान शिव का अतिप्रिय महीना सावन शुरू होते ही कपिलेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगने लगता है। दूर-दराज के क्षेत्रों से शिवभक्त यहां भोलेनाथ के दर्शन करने और अपनी मन्नतें मांगने पहुंचते हैं। मंदिर के चारों ओर फैली हरी-भरी वादियां और शांत वातावरण यहां आने वाले हर व्यक्ति के मन को असीम आत्मिक शांति प्रदान करता है। अगर आप भी इस सावन किसी पौराणिक और रहस्यमयी तीर्थ स्थल की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो नैनीताल के पास स्थित यह चमत्कारी कपिलेश्वर धाम आपके लिए एक उत्तम स्थान साबित हो सकता है।
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