
दक्षिणी जापान में मंगलवार दोपहर को प्रकृति का भीषण रूप देखने को मिला, जब पूरे क्यूशू (Kyushu) क्षेत्र में एक साथ शक्तिशाली और बेहद तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर 7.1 की विनाशकारी तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र क्यूशू द्वीप का कुमामोटो (Kumamoto) प्रीफेक्चर और उसके आसपास का इलाका रहा। अचानक आई इस कुदरती आफत से कुछ ही पलों के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इमारतों में तेज कंपन के तुरंत बाद जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने मुस्तैदी दिखाते हुए तटीय इलाकों के लिए आपातकालीन सुनामी अलर्ट जारी कर दिया है।
जापानी तीव्रता पैमाने पर खतरे का सबसे उच्चतम स्तर 'शिंदो 7' दर्ज
जापान के अपने सीस्मोलॉजिकल पैमाने, जिसे 'शिंदो स्केल' (Shindo Scale) कहा जाता है, उस पर इस भूकंप की तीव्रता को सबसे खतरनाक यानी 'लेवल 7' पर मापा गया है। जापानी पैमानों में शिंदो 7 को तबाही का चरम स्तर माना जाता है, जिसमें जमीन इतनी तेजी से हिलती है कि मजबूत से मजबूत इमारतों के गिरने, सड़कों के फटने और बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। इस तीव्र झटके ने कुमामोटो और आसपास के जिलों की जीवनशैली को पूरी तरह थाम दिया है।
अरियाके और यात्सुशिरो तटीय क्षेत्रों में सुनामी का अलर्ट: नागरिकों के लिए 3 बड़े निर्देश
भूकंप के कुछ ही मिनटों के भीतर मौसम एजेंसी ने अरियाके समुद्र (Ariake Sea) और यात्सुशिरो समुद्र (Yatsushiro Sea) से लगे तटीय इलाकों के लिए 1 मीटर (लगभग 3 फीट) तक ऊंची खतरनाक सुनामी लहरें उठने की आशंका जताई है। स्थिति की गंभीरता और मानवीय जीवन की सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तटीय निवासियों के लिए तत्काल 3 सूत्री आपातकालीन निर्देश जारी किए हैं:
-
तटीय इलाकों से दूरी: समुद्र तटों, तटीय सड़कों और नदियों के मुहाने के आसपास मौजूद लोग बिना एक पल गंवाए तुरंत वहां से दूर हट जाएं।
-
ऊंचे स्थानों पर शरण: निचले और मैदानी इलाकों में रहने वाले नागरिक तुरंत सुरक्षित व ऊंचाई पर स्थित शरण स्थलों की ओर प्रस्थान करें।
-
सावधानी बरतें: जब तक मौसम एजेंसी की ओर से आधिकारिक रूप से चेतावनी वापस न ले ली जाए, तब तक समुद्र या पानी के स्रोतों के पास जाने की भूल बिल्कुल न करें।
हाई अलर्ट पर राहत और बचाव एजेंसियां: आफ्टरशॉक्स का बढ़ा खतरा
कुमामोटो प्रीफेक्चर समेत पूरे क्यूशू क्षेत्र में आपदा प्रबंधन, दमकल विभाग और आपातकालीन राहत टीमों को हाई अलर्ट मोड पर तैनात कर दिया गया है। प्रांतीय अधिकारी और पुलिस बल प्रभावित इलाकों में जान-माल के नुकसान और प्रभावित ढांचों का तेजी से आकलन कर रहे हैं। इसके साथ ही, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मुख्य भूकंप के बाद अगले कुछ घंटों या दिनों में तेज आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) आ सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सभी नागरिकों से पूरी तरह सतर्क, सुरक्षित और शांत रहने की अपील की है।
UK News