
News India Live, Digital Desk: चीन के शिनजियांग प्रांत में मानवाधिकार हनन और उइगर मुस्लिमों के लिए बनाए गए ‘डिटेंशन सेंटर्स’ (नजरबंदी केंद्रों) का कच्चा चिट्ठा दुनिया के सामने लाने वाले गुआन हेंग (38) के लिए बुधवार का दिन राहत भरा रहा। एक अमेरिकी आव्रजन न्यायाधीश ने उन्हें अमेरिका में राजनीतिक शरण (Asylum) देने की मंजूरी दे दी है।गुआन हेंग ने अदालत में यह आशंका जताई थी कि यदि उन्हें वापस चीन भेजा गया, तो चीनी सरकार उन्हें यातनाएं देगी और उनकी जान को खतरा होगा।क्यों खास है गुआन हेंग का मामला?गुआन हेंग ने वह काम किया था जो चीन के सख्त सेंसरशिप वाले माहौल में लगभग नामुमकिन था:सीक्रेट रिकॉर्डिंग: 2020 में उन्होंने शिनजियांग के उन नजरबंदी केंद्रों की गुप्त रूप से फिल्म बनाई, जहाँ उइगर समुदाय के लगभग 10 लाख लोगों को कैद रखने का आरोप है।साक्ष्य: उनके वीडियो ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के उन दावों को पुख्ता किया कि चीन वहां व्यापक स्तर पर मानवाधिकारों का हनन कर रहा है।चीन का तर्क: हालांकि, चीन सरकार इन केंद्रों को ‘व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र’ कहती है, जहाँ लोगों को कौशल सिखाया जाता है और कट्टरपंथ को खत्म किया जाता है।निर्वासन से लेकर शरण तक का सफरगुआन का अमेरिका पहुंचने और वहां शरण पाने का सफर किसी फिल्म की कहानी जैसा रहा है:पलायन: वीडियो जारी करने के बाद वे हांगकांग, इक्वाडोर और बहामास होते हुए अक्टूबर 2021 में एक नाव के जरिए अवैध रूप से फ्लोरिडा पहुंचे।हिरासत: अगस्त 2024 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा चलाए गए व्यापक निर्वासन अभियान के तहत उन्हें पकड़ लिया गया और तब से वे हिरासत में थे।युगांडा भेजने की कोशिश: अमेरिकी गृह मंत्रालय (DHS) ने पहले उन्हें युगांडा निर्वासित करने की योजना बनाई थी, लेकिन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के दबाव के बाद यह योजना रद्द कर दी गई।अदालत का फैसला: न्यायाधीश चार्ल्स औसलैंडर ने बुधवार को सुनवाई के दौरान गुआन को एक ‘विश्वसनीय गवाह’ माना और उनकी शरण की पात्रता को कानूनी रूप से सही ठहराया।विरोधाभासी स्थिति: अमेरिका में प्रवासियों के प्रति कड़ा रुखगुआन हेंग को शरण मिलना ऐसे समय में चर्चा का विषय बना हुआ है जब अमेरिका के भीतर आव्रजन प्रवर्तन (ICE) और बॉर्डर पैट्रोल एजेंटों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।हिंसक घटनाएं: हाल के महीनों में ICE एजेंटों से जुड़ी हिंसा में कुछ अमेरिकी नागरिकों की मौत की खबरें आई हैं, जैसे मिनियापोलिस में एलेक्स प्रेटी की गोली मारकर हत्या।9 मौतें: रिपोर्टों के अनुसार, 2026 में अब तक इमिग्रेशन एनफोर्समेंट से जुड़ी कम से कम 9 मौतें हो चुकी हैं।दोहरी नीति? आलोचक सवाल उठा रहे हैं कि जहाँ एक ओर ट्रंप प्रशासन प्रवासियों के खिलाफ सख्त अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर चीन के खिलाफ कूटनीतिक दबाव बनाने के लिए गुआन हेंग जैसे नागरिक को शरण दी जा रही है।”उइगरों के लिए सहानुभूति थी”अदालत में गुआन ने भावुक होते हुए कहा, “मेरा इरादा शरण पाना नहीं था, बल्कि मुझे उन उइगरों के प्रति सहानुभूति थी जिन पर अत्याचार किया जा रहा था।” उन्होंने बताया कि वीडियो सार्वजनिक होने के बाद चीन की पुलिस ने उनके पिता को तीन बार पूछताछ के लिए बुलाया और प्रताड़ित किया।गुआन के वकील चेन चुआंगचुआंग ने कहा कि यह अमेरिका की नैतिक जिम्मेदारी थी कि वह एक ऐसे व्यक्ति की रक्षा करे जिसने मानवाधिकारों के लिए अपनी जान जोखिम में डाली।
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