
उत्तर प्रदेश को 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' के रूप में दुनिया भर में नई पहचान दिलाने वाली सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण संस्था उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) को लेकर एक बेहद बड़ी और प्रशासनिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। कूटनीतिक और विकासपरक नजरिए से देखें तो यूपीईआईडीए आज के समय में उत्तर प्रदेश सरकार के लिए किसी 'नवरत्न' कंपनी से कम नहीं है, जिसने सूबे की तस्वीर और तकदीर को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। अब इस विकास चक्र को रॉकेट की रफ्तार देने और सभी परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने इसकी कमान सीधे अपने हाथों में ले ली है। मुख्यमंत्री के इस बड़े कदम के बाद प्रशासनिक अमले में भारी हलचल है और यह साफ हो गया है कि अब प्रदेश में नए हाईवे और एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लेत-लतीफी या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम योगी की सीधी निगरानी से खत्म होगी फाइलों की लेत-लतीफी
प्रशासनिक गलियारों और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा यूपीईआईडीए की कमान सीधे अपने नियंत्रण में लेने का सबसे बड़ा मकसद फाइलों की कछुआ चाल को खत्म करना है। अक्सर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में जमीन अधिग्रहण, वन विभाग की एनओसी (NOC) और बजट आवंटन जैसे मामलों में विभिन्न विभागों के बीच तालमेल न होने के कारण काम अटक जाता था या लेट हो जाता था। लेकिन अब मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी और हस्तक्षेप के कारण सभी विभागों के अधिकारियों को तत्काल फैसले लेने होंगे। किसी भी प्रोजेक्ट की फाइल अब टेबल पर धूल नहीं फांकेगी, जिससे निर्माण कार्यों को एक अभूतपूर्व गति मिलेगी।
गंगा एक्सप्रेसवे से लेकर नए लिंक एक्सप्रेसवे का काम पकड़ेगा सुपरफास्ट रफ्तार
यूपीईआईडीए के पास इस समय देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स में से एक 'गंगा एक्सप्रेसवे' (Ganga Expressway) के निर्माण की जिम्मेदारी है, जो मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला है। इसके अलावा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक गलियारों (Industrial Corridors) को विकसित करने का काम भी युद्ध स्तर पर चल रहा है। सीएम योगी के इस एक्शन मोड में आने के बाद इन सभी चल रहे प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ आने वाले नए लिंक एक्सप्रेसवे और कनेक्टिंग हाईवेज के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि सभी परियोजनाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप और तय डेडलाइन से पहले पूरा किया जाए।
औद्योगिक निवेश और रोजगार के खुलेंगे असीमित नए दरवाजे
एक्सप्रेसवे केवल यातायात को सुगम नहीं बनाते, बल्कि वे किसी भी राज्य की आर्थिकी की रीढ़ होते हैं। यूपीईआईडीए के जरिए सीएम योगी का मुख्य फोकस इन एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ बड़े-बड़े उद्योगों, लॉजिस्टिक्स पार्क और डिफेंस कॉरिडोर (Defense Corridor) को तेजी से स्थापित करना है। जब बुनियादी ढांचा मजबूत और समय पर तैयार होगा, तो देश और दुनिया के बड़े निवेशक उत्तर प्रदेश में अपनी फैक्ट्रियां लगाने के लिए आकर्षित होंगे। इससे न केवल उत्तर प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने का सपना सच होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए उनके गृह जनपद में ही लाखों नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे।
भ्रष्टाचार और लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यूपीईआईडीए की कमान अपने हाथ में लेने का एक और बड़ा कड़ा संदेश उन ठेकेदारों और अधिकारियों के लिए है जो काम की गुणवत्ता में लापरवाही बरतते हैं। अब निर्माण कार्य की प्रोग्रेस रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भेजी जाएगी और खुद सीएम डिजिटल मैपिंग और ड्रोन के जरिए प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करेंगे। यदि कहीं भी काम में देरी या भ्रष्टाचार की बू आई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तुरंत और बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख ने यह साफ कर दिया है कि नए उत्तर प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल अब पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बनने जा रहा है।
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