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उपेन्द्र कुशवाहा का दांव परिवारवाद का आरोप या संगठन को मज़बूती?

News India Live, Digital Desk : बिहार की राजनीति में कब क्या हो जाए, ये अंदाज़ा लगाना मुश्किल है। ताज़ा चर्चा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) और इसके सुप्रीमो उपेन्द्र कुशवाहा को लेकर है। जब से उनकी बहूसाक्षी कुशवाहा को पार्टी में जिम्मेदारी मिली है, कयासों और चर्चाओं का बाज़ार गरम है। सोशल मीडिया से लेकर चाय की थड़ियों तक लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं “क्या उपेन्द्र कुशवाहा भी अब परिवारवाद की राह पर चल पड़े हैं? और क्या इससे पार्टी के पुराने नेताओं में नाराजगी है?”खबरों की गर्मी और उपेन्द्र कुशवाहा का जवाबअक्सर जब भी किसी नेता के घर का कोई सदस्य राजनीति में आता है, तो विरोधियों को बोलने का मौका मिल जाता है। साक्षी कुशवाहा की एंट्री के बाद कुछ खबरें ऐसी भी आईं कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। कहा गया कि पुराने कार्यकर्ता इस फैसले से नाखुश हैं और पार्टी में ‘दरार’ पड़ने वाली है।लेकिन उपेन्द्र कुशवाहा, जो खुद मंझे हुए खिलाड़ी हैं, उन्होंने बड़े ही शांत और सुलझे हुए लहजे में इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ़ कर दिया कि पार्टी में किसी तरह की कोई कलह नहीं है। उन्होंने ये संदेश दिया कि अगर घर का कोई पढ़ा-लिखा सदस्य संगठन की मदद के लिए आगे आ रहा है, तो उसे सिर्फ ‘परिवारवाद’ के चश्मे से देखना ठीक नहीं है।साक्षी की भूमिका और संगठन का भरोसाकुशवाहा का कहना है कि साक्षी की नियुक्ति पार्टी की सक्रियता बढ़ाने के लिए की गई है। आरएलएम इस समय ज़मीनी स्तर पर संगठन को मज़बूत करने में जुटी है और इसके लिए नए और उत्साही लोगों की ज़रूरत है। उनका मानना है कि युवाओं के जुड़ने से पार्टी की पहुंच बढ़ेगी।सियासी हलकों में चर्चा क्यों?सच तो ये है कि बिहार की राजनीति फिलहाल बदलाव के दौर से गुजर रही है। 2025 अब खत्म हो रहा है और 2026 की चुनावी सरगर्मियां अभी से ही दिखने लगी हैं। ऐसे में उपेन्द्र कुशवाहा अपने सबसे भरोसेमंद चेहरों को आगे बढ़ाना चाहते हैं। विरोधियों को भले ही इसमें फूट नज़र आए, लेकिन कुशवाहा इसे ‘रणनीति’ का हिस्सा बता रहे हैं।अंत में सीधी सी बात ये है कि सियासत में पद और कद बहुत मायने रखते हैं। बहू को आगे लाने का ये फैसला उपेन्द्र कुशवाहा के लिए आने वाले समय में ‘मास्टरस्ट्रोक’ साबित होगा या ‘मुसीबत’, ये तो वक़्त बताएगा। फिलहाल, उन्होंने तो यही जता दिया है कि आरएलएम एक है और मजबूती से खड़ी है।