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एर्दोगन का अनोखा गिफ्ट! NATO समिट में नेताओं को बांटी 6 गोलियां और ‘सिक्सर’ बंदूक, ट्रंप के साथ क्या हुआ

हाल ही में हुए NATO शिखर सम्मेलन के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन का एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला अंदाज देखने को मिला। एर्दोगन ने वहां मौजूद शीर्ष वैश्विक नेताओं को जो उपहार भेंट किए, उन्होंने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने नेताओं को विशेष रूप से तैयार की गई एक 'सिक्सर' रिवॉल्वर और उसके साथ 6 गोलियां तोहफे में दीं। एर्दोगन के इस कदम ने न केवल प्रोटोकॉल की सुर्खियों को हवा दी, बल्कि इसके पीछे के कूटनीतिक संदेश और उपहार की खासियत को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है।

क्या है एर्दोगन की इस 'सिक्सर' की खासियत?

तुर्की के राष्ट्रपति द्वारा दी गई यह रिवॉल्वर सामान्य नहीं है। इसे तुर्की की रक्षा तकनीक और निर्माण कौशल का प्रतीक माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह रिवॉल्वर तुर्की की स्वदेशी शस्त्र निर्माण क्षमता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे बेहद बारीकी से डिजाइन किया गया है। एर्दोगन का यह कदम तुर्की के डिफेंस सेक्टर को वैश्विक मंच पर प्रमोट करने की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। 6 गोलियों का सेट भी इसी रिवॉल्वर का हिस्सा था, जो इस उपहार की पूरी किट को एक 'कलेक्टर आइटम' के रूप में पेश करता है।

क्या डोनाल्ड ट्रंप ने यह बंदूक ली?

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस उपहार को स्वीकार किया? कूटनीतिक हलकों में यह चर्चा आम है कि एर्दोगन के इस सख्त और पावरफुल गिफ्ट को लेकर नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं थीं। सुरक्षा प्रोटोकॉल और कूटनीतिक नियमों के कारण ऐसे उपहारों को लेकर काफी सतर्कता बरती जाती है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि एर्दोगन ने इस मंच का उपयोग न केवल दोस्ती जताने के लिए किया, बल्कि दुनिया को तुर्की की 'पावर' और उसकी रक्षा तैयारियों से अवगत कराने का भी कोई मौका नहीं छोड़ा।