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ऑनलाइन खाना और ग्रॉसरी डिलीवर करने वाली 5 दिग्गज कंपनियों पर गिरी FSSAI की गाज: Amazon, Swiggy, Zepto समेत 5 प्लेटफॉर्म्स पर दंडात्मक कार्रवाई; जानें आपके खाने में क्या चल रहा था फर्जीवाड़ा

नई दिल्ली। भागदौड़ भरी जिंदगी में मोबाइल पर चंद क्लिक्स में 10 से 15 मिनट के भीतर राशन, फल-सब्जियां, डेयरी उत्पाद और पैकेज्ड फूड की डिलीवरी देने वाले क्विक-कॉमर्स (Quick-Commerce) और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर देश के शीर्ष खाद्य सुरक्षा नियामक ने सबसे बड़ा एक्शन लिया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नियमों की खुली धज्जियां उड़ाने, उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले झूठे स्वास्थ्य दावे करने और यहां तक कि प्रतिबंधित व जहरीले खाद्य पदार्थों को ऑनलाइन लिस्ट करने के गंभीर आरोपों में देश की 5 सबसे बड़ी दिग्गज कंपनियों के खिलाफ औपचारिक दंडात्मक कार्रवाई (Penal Action) शुरू कर दी है।

नियामक की ओर से जिन पांच प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ शिकंजा कसा गया है, उनमें अमेजन (Amazon Seller Services), स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart), बिगबास्केट (BigBasket – Innovative Retail Concepts), फ्लिपकार्ट इंडिया (Flipkart India) और जेप्टो (Zepto Marketplace) शामिल हैं। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि भारत का ई-कॉमर्स बूम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा की कीमत पर नहीं चल सकता। प्राधिकरण द्वारा सोशल मीडिया और आधिकारिक बयानों के जरिए दी गई इस जानकारी ने ऑनलाइन ऑर्डर करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं को सकते में डाल दिया है, क्योंकि जिन प्लेटफॉर्म्स से वे भरोसा करके रोजमर्रा का खाना मंगा रहे थे, वहां खतरनाक फर्जीवाड़ा और नियमों का उल्लंघन खुलेआम चल रहा था।

5 दिग्गज प्लेटफॉर्म्स पर क्या लगे हैं आरोप? जानिए फर्जीवाड़े के 3 बड़े मामले

FSSAI द्वारा खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (FSS Act, 2006) और संबंधित नियमों के तहत दर्ज किए गए मामलों में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले तीन अत्यंत गंभीर खुलासे सामने आए हैं:

  1. धतूरा (Datura) जैसे जहरीले और प्रतिबंधित उत्पाद की ऑनलाइन बिक्री: सबसे चौंकाने वाला और खतरनाक मामला जहरीले पौधे धतूरे (फल और बीज) को ऑनलाइन खाने-पीने के उत्पादों या हर्ब्स की आड़ में लिस्ट करके बेचने का है। FSSAI की जांच में पाया गया कि Amazon, Swiggy Instamart और BigBasket पर धतूरे के फल व बीज बेरोकटोक बेचे और प्रदर्शित किए जा रहे थे। कानून के तहत धतूरा मानव उपभोग के लिए पूरी तरह असुरक्षित, जहरीला और प्रतिबंधित है। खाद्य प्लेटफॉर्म पर इसकी आसान उपलब्धता जानलेवा साबित हो सकती थी।

  2. डेयरी उत्पादों पर भ्रामक और फर्जी दावे: Swiggy Instamart और BigBasket पर लोकप्रिय डेयरी ब्रांड 'मिल्की मिस्ट' (Milky Mist) के कई उत्पादों—विशेष रूप से फ्रेश लो-फैट क्रीम, फार्म फ्रेश दही (Curd) और ग्रीक योगर्ट (Greek Yoghurt)—की लिस्टिंग में भ्रामक जानकारी और झूठे न्यूट्रिशनल दावे पाए गए। इन प्लेटफॉर्म्स पर उत्पाद का विवरण FSSAI के निर्धारित डेयरी मानकों के अनुरूप नहीं था।

  3. 'हैपिलो' स्नैक्स में मिसब्रांडिंग और गैर-अनुपालन: पांचों दिग्गज प्लेटफॉर्म्स—Amazon, Flipkart India, Swiggy Instamart, Zepto और BigBasket—के खिलाफ 'Happilo Premium Date Bites – Zesty Orange' नामक उत्पाद को लेकर कार्रवाई शुरू की गई है। जांच में पाया गया कि इस उत्पाद के स्वास्थ्य लाभों, सामग्रियों और गुणवत्ता को लेकर ऑनलाइन लिस्टिंग में ऐसे लुभावने और असत्यापित दावे किए गए थे जो पैकेजिंग नियमों (Packaging & Labelling Regulations) का सीधा उल्लंघन करते हैं।

10-मिनट डिलीवरी की आंधी में कैसे गायब हो रहे हैं सुरक्षा मानक?

देश के मेट्रो शहरों में क्विक-कॉमर्स की रफ्तार जितनी तेज हुई है, उतनी ही तेजी से इनकी डार्क स्टोर्स (Dark Stores) और वेयरहाउसों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्तों और FSSAI की टीमों ने पिछले छह महीनों में कई डार्क स्टोर्स पर औचक निरीक्षण किए हैं।

इस जांच में सामने आया कि:

  • एक्सपायरी डेट छिपाना: ऑनलाइन ऐप पर सामान ऑर्डर करते समय ग्राहकों को उत्पाद की 'मैन्युफैक्चरिंग डेट' और 'बेस्ट बिफोर' की स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती, जिसके चलते कई बार एक्सपायरी के बेहद करीब पहुंच चुका सामान ग्राहकों के घरों तक पहुंचा दिया जाता है।

  • तापमान और कोल्ड-चेन का अभाव: दूध, मक्खन, पनीर और दही जैसे संवेदनशील डेयरी प्रोडक्ट्स को जिस निर्धारित तापमान (4 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे) पर रखा जाना चाहिए, उसका कई मिनी-वेयरहाउसों में पालन नहीं होता, जिससे बैक्टीरिया पनपने का खतरा रहता है।

  • विक्रेताओं (Sellers) का अपूर्ण वेरिफिकेशन: थर्ड-पार्टी सेलर्स बिना वैध FSSAI लाइसेंस नंबर प्रदर्शित किए गैर-मानकीकृत खाद्य सामग्रियां प्लेटफॉर्म्स पर लिस्ट कर देते हैं, जिस पर एग्रीगेटर कंपनियां आंखें मूंद लेती हैं।

FSSAI की सख्त चेतावनी: क्या होगा इन कंपनियों पर असर?

खाद्य सुरक्षा नियामक ने साफ कर दिया है कि किसी भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को केवल एक 'मध्यस्थ' (Intermediary) होने की आड़ में खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। FSS Act, 2006 की विभिन्न धाराओं के तहत शुरू की गई इस दंडात्मक कार्रवाई में भारी वित्तीय जुर्माना (Financial Penalty), संबंधित गैर-कानूनी फूड लिस्टिंग्स को तत्काल ब्लॉक करना, और बार-बार उल्लंघन करने पर संबंधित वेयरहाउस का खाद्य लाइसेंस निलंबित या रद्द करने तक के कड़े कानूनी प्रावधान शामिल हैं।

प्राधिकरण ने सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद प्रत्येक खाद्य उत्पाद के सामने उसका वैध FSSAI लाइसेंस नंबर, सटीक न्यूट्रिशन फैक्ट्स और एफएसएसएआई मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। इसके अलावा, उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए नियामक अब सोशल मीडिया पर भी ऐसे उल्लंघनों की सार्वजनिक जानकारी साझा कर रहा है ताकि आम जनता ऑनलाइन खरीदारी करते समय पूरी तरह सतर्क रहे।

ऑनलाइन खाना और राशन मंगाते समय उपभोक्ता क्या करें?

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती गड़बड़ियों के बीच उपभोक्ताओं को खुद भी सतर्क रहने की आवश्यकता है:

  • डिलीवरी के समय एक्सपायरी चेक करें: पैकेट हाथ में आते ही सबसे पहले उसकी निर्माण तिथि (Mfg Date) और उपयोग की अंतिम तिथि (Expiry Date) जांचें। यदि तारीख मिटाई गई हो या ओवरराइटिंग हो, तो पैकेट तुरंत लौटाएं।

  • FSSAI 14-अंकों का नंबर देखें: किसी भी पैकेज्ड फूड पर 14 अंकों का FSSAI लाइसेंस नंबर और ग्रीन/रेड वेज-नॉनवेज लोगो अनिवार्य रूप से होना चाहिए।

  • सील और पैकेजिंग की स्थिति: यदि पैकेट फूला हुआ (Puffed) दिखे, सील टूटी हो या डेयरी उत्पाद का टेक्सचर असामान्य लगे, तो उसका सेवन बिल्कुल न करें।

  • सीधी शिकायत दर्ज कराएं: यदि आपको किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एक्सपायर्ड, घटिया या मिसब्रांडेड फूड मिलता है, तो तुरंत FSSAI के आधिकारिक 'Food Safety Connect' ऐप या नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराएं।