
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से तनाव कम होने की उम्मीद जगी थी, जिससे कच्चे तेल के दामों में गिरावट देखने को मिली थी। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति एक बार फिर बदल गई है। बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान ही क्रूड ऑयल की कीमतों में प्रति बैरल 3 डॉलर से ज्यादा की जोरदार तेजी दर्ज की गई।
इस उछाल के साथ बाजार में कच्चे तेल के दाम फिर से ऊपरी स्तर पर पहुंच गए हैं। आखिर इस अचानक आई तेजी के पीछे क्या कारण हैं और इसका आपके बजट पर क्या असर पड़ेगा, आइए विस्तार से समझते हैं।
क्यों अचानक बढ़ने लगे कच्चे तेल के दाम?
कच्चे तेल की कीमतों में आई इस तेजी के पीछे तीन मुख्य वजहें मानी जा रही हैं:
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अमेरिका में क्रूड स्टॉक में कमी: अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, 24 जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में अमेरिका के कच्चे तेल का स्टॉक करीब 33 लाख बैरल कम हुआ है। हालांकि, इस दौरान पेट्रोल (गैसोलीन) और डिस्टिलेट के रिजर्व में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब सभी की निगाहें आधिकारिक EIA (एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन) के आंकड़ों पर टिकी हैं।
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OPEC+ देशों की नई रणनीति: तेल की कीमतों को सहारा देने के लिए तेल उत्पादक देशों का संगठन (OPEC+) अक्टूबर से अगले 3 महीनों के लिए अपने तेल उत्पादन में बढ़ोतरी को रोकने की योजना बना रहा है। सप्लाई सीमित होने की आशंका से भी बाजार में कीमतें बढ़ रही हैं।
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होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई की रुकावट: अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच जारी खींचतान की वजह से 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) के जरिए होने वाली तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। इस व्यापारिक संकट को टालने के लिए ओमान ने ईरान के सामने होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन का एक नया प्रस्ताव रखा है, ताकि समुद्री व्यापार सुरक्षित बना रहे।
क्रूड ऑयल के ताजा रेट्स
ग्लोबल मार्केट में इस उछाल के बाद कच्चे तेल के दोनों मुख्य बेंचमार्क में करीब 4% की तेजी देखी गई है:
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ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): 3.29 डॉलर (3.9%) बढ़कर 87.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
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अमेरिकी WTI क्रूड: 3.16 डॉलर (3.99%) चढ़कर 82.42 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
ध्यान दें: मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से बातचीत के संकेत मिलने के बाद क्रूड में लगभग 5% की बड़ी गिरावट आई थी। हालांकि, ईरान की तरफ से इन खबरों को खारिज किए जाने और सप्लाई घटने की रिपोर्ट के बाद बाजार ने तुरंत यू-टर्न ले लिया।
आपके शहर में पेट्रोल-डीजल सस्ता हुआ या महंगा?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दामों में चाहे जितना भी उतार-चढ़ाव आए, इसका सीधा और तुरंत असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर देखने को नहीं मिल रहा है।
भारतीय सरकारी तेल कंपनियों ने आज सुबह ईंधन की नई दरें जारी कर दी हैं। आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि वैश्विक हलचल के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दिल्ली में आज के रेट:
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पेट्रोल: ₹102.12 प्रति लीटर
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डीजल: ₹95.20 प्रति लीटर
ग्लोबल मार्केट की अनिश्चितता के बावजूद देश में फिलहाल ईंधन के रेट स्थिर बने हुए हैं, जिससे आम उपभोक्ता की जेब पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है।
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