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केरल में अंग तस्करी रैकेट पर ED का महाएक्शन, 9 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी से मचा हड़कंप

केरल में अवैध रूप से चल रहे मानव अंग तस्करी (Organ Trafficking) के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने राज्य के विभिन्न जिलों में फैले इस रैकेट के वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क को खंगालने के लिए एक साथ 9 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई के बाद से ही राज्य के रसूखदारों और इस अवैध धंधे से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।

कोच्चि और त्रिशूर समेत कई जिलों में ED की रेड

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ED की अलग-अलग टीमों ने केरल के कोच्चि, त्रिशूर, मलप्पुरम और पलक्कड़ जैसे प्रमुख शहरों में तड़के सुबह ही दस्तक दे दी। जांच एजेंसी मुख्य रूप से उन संदिग्धों के आवासों और दफ्तरों को निशाना बना रही है, जिनके तार हाल ही में पकड़े गए अंतरराष्ट्रीय अंग तस्करी गिरोह से जुड़े होने का अंदेशा है। पुलिस की शुरुआती जांच के बाद ED ने इस मामले में वित्तीय अनियमितताओं (Money Laundering) को लेकर अपना शिकंजा कसा है।

बेसहारा लोग बनते थे शिकार, विदेशों तक फैले हैं तार

हाल ही में केरल पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया था जो गरीब, कर्ज में डूबे और मजबूर लोगों को पैसों का लालच देकर उनके अंग (विशेषकर किडनी) निकालने का धंधा कर रहा था। इस रैकेट के तार न केवल भारत के अन्य राज्यों बल्कि खाड़ी देशों (Gulf Countries) जैसे ईरान और कुवैत तक फैले होने की बात सामने आई है। पीड़ितों को बहला-फुसलाकर विदेश ले जाया जाता था और वहां मोटी रकम के बदले उनके अंग निकाल लिए जाते थे, जबकि पीड़ितों को बेहद मामूली रकम दी जाती थी।

करोड़ों के बेहिसाब वित्तीय लेन-देन का शक

ED को संदेह है कि इस अवैध व्यापार के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है। हवाला नेटवर्क और फर्जी बैंक खातों के माध्यम से विदेशों से पैसा भारत भेजा जा रहा था। आज की इस बड़ी छापेमारी का मुख्य उद्देश्य इसी अवैध कमाई, बैंक खातों के दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों और बेनामी संपत्तियों का पता लगाना है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इन ठिकानों से मिले दस्तावेजों के आधार पर इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं और इसमें शामिल कुछ निजी अस्पतालों के डॉक्टरों व बिचौलियों के चेहरों से भी नकाब हटेगा।