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तमिलनाडु में एक दीपक को लेकर क्यों भिड़ गए सरकार और विपक्ष? बीजेपी अध्यक्ष गिरफ्तार

News India Live, Digital Desk: उत्तर भारत में जहां कड़ाके की ठंड है, वहीं दक्षिण भारत यानी तमिलनाडु की राजनीति का तापमान अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है. मामला ‘कार्तिकेय दीपम’ (Karthigai Deepam) से जुड़ा है, जो तमिलनाडु का एक बहुत बड़ा और पवित्र त्यौहार है. लेकिन इसी त्यौहार के बीच पुलिस और नेताओं के बीच हुई रस्साकशी ने माहौल गर्मा दिया है.खबर है कि तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन (Nainar Nagendran) को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. आखिर एक नेता को दीप जलाने जाने से क्यों रोका गया? आइए, इस पूरी गुत्थी को आसान भाषा में समझते हैं.क्या है पूरा मामला?विवाद की जड़ मदुरै के पास स्थित तिरुपरांकुंद्रम पहाड़ी (Thiruparankundram Hill) है. यह स्थान भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) का पवित्र धाम माना जाता है. परंपरा के अनुसार, भक्त यहाँ ‘कार्तिकेय दीपम’ के मौके पर पहाड़ी की चोटी पर महादीप जलाते हैं.लेकिन, पेंच यह है कि इस पहाड़ी पर एक दरगाह भी मौजूद है. पिछले कुछ समय से यहां दीप जलाने को लेकर दो समुदायों और प्रशासन के बीच तनाव और कानूनी लड़ाई चल रही है. मद्रास हाईकोर्ट ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कुछ शर्तों के साथ ही दीप जलाने की बात कही थी, लेकिन पहाड़ी की चोटी पर जाने को लेकर पाबंदियां लगाई गई थीं.बीजेपी और पुलिस आमने-सामनेबीजेपी का कहना है कि यह “भक्तों की आस्था का अपमान” है. नैनार नागेंद्रन और उनकी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता आज (5 दिसंबर) इसी जिद के साथ आगे बढ़ रहे थे कि वे पहाड़ी की चोटी पर जाकर ही दीप जलाएंगे. वे इसे हिंदू परंपराओं को दबाने की कोशिश बता रहे हैं.दूसरी तरफ, एमके स्टालिन (DMK) की सरकार और पुलिस का कहना है कि वे सिर्फ कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं ताकि इलाके में कोई दंगा-फसाद न हो. जैसे ही नैनार नागेंद्रन ने अपने समर्थकों के साथ आगे बढ़ने की कोशिश की, भारी पुलिस बल ने उन्हें और AIADMK के कुछ नेताओं को रोक लिया और हिरासत में ले लिया (Detained).सियासत हुई तेजइस घटना ने डीएमके और बीजेपी के बीच की पुरानी तकरार में घी डालने का काम किया है. बीजेपी इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है कि डीएमके सरकार हिंदू विरोधी काम कर रही है. वहीं, प्रशासन का जोर शांति बनाए रखने पर है.फिलहाल, तिरुपरांकुंद्रम और मदुरै के आसपास सुरक्षा बहुत कड़ी कर दी गई है. भक्तों और आम जनता को परेशानी न हो, इसके लिए पुलिस जगह-जगह तैनात है. यह देखना होगा कि शाम तक नागेंद्रन को रिहा किया जाता है या यह मामला और तूल पकड़ता है.