Thursday , September 24 2026

देशभर में 60 लाख से ज्यादा चोरी व खोए मोबाइल फोन ब्लॉक, 13.8 लाख बरामद: जानिए फोन रिकवरी में कौन सा राज्य निकला अव्वल और कहां सबसे पीछे रही पुलिस

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा शुरू किए गए 'संचार साथी' पोर्टल और इसके सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) सिस्टम ने चोरी और गुम हुए मोबाइलों पर नकेल कसने में एक बड़ा ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देशभर में अब तक 60 लाख से अधिक (60.25 लाख से ज्यादा) चोरी या गुम हुए स्मार्टफोन्स के आईएमईआई (IMEI) नंबर ब्लॉक किए जा चुके हैं। इनमें से तकनीक की मदद से 37.45 लाख से ज्यादा फोन सफलतापूर्वक ट्रेस कर लिए गए और राज्य पुलिस बलों ने 13.80 लाख से अधिक हैंडसेट्स बरामद कर उनके असली मालिकों तक पहुंचाने में सफलता हासिल की है।

कुल बरामदगी की संख्या में महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश सबसे आगे

यदि बरामद हुए मोबाइलों की कुल संख्या की बात करें, तो देश के बड़े राज्यों की पुलिस ने सबसे ज्यादा सक्रियता दिखाई है। महाराष्ट्र इस सूची में शीर्ष पर है, जहां 1.75 लाख (1,75,290) से अधिक फोन बरामद किए जा चुके हैं। दूसरे स्थान पर कर्नाटक पुलिस रही है, जिसने 1.68 लाख (1,68,109) से अधिक गुमशुदा या चोरी हुए फोन रिकवर किए।

उत्तर प्रदेश तीसरे पायदान पर मजबूती से खड़ा है, जहां पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल के तालमेल से 1.64 लाख (1,64,478) से ज्यादा फोन बरामद करने में कामयाबी पाई है। इसके बाद तेलंगाना (1.45 लाख से ज्यादा), आंध्र प्रदेश (82 हजार से ज्यादा), तमिलनाडु (77 हजार से ज्यादा) और मध्य प्रदेश (75 हजार से ज्यादा) का नंबर आता है।

रिकवरी प्रतिशत (Recovery Rate): आंध्र प्रदेश और छोटे राज्यों का प्रदर्शन शानदार

ट्रेस किए गए फोनों में से वास्तविक बरामदगी के प्रतिशत (सक्सेस रेट) के मामले में बड़े राज्यों में आंध्र प्रदेश सबसे आगे रहा है। आंध्र प्रदेश पुलिस ने ट्रेस हुए फोनों में से 58.18% मोबाइल सफलतापूर्वक बरामद किए। इसके बाद मिजोरम (50.92%), गुजरात (50.36%), अरुणाचल प्रदेश (50.41%), कर्नाटक (48.73%), राजस्थान (48.30%) और उत्तर प्रदेश (48.26%) का रिकवरी रेट राष्ट्रीय औसत (36.85%) से काफी बेहतर दर्ज किया गया।

केंद्र शासित प्रदेशों में लक्षद्वीप (90.91%) और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह (62.94%) का रिकवरी प्रतिशत सबसे ऊंचा रहा है।

देश की राजधानी दिल्ली सबसे पीछे, पंजाब और बिहार का भी निराशाजनक रिकॉर्ड

इस रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला और चिंताजनक आंकड़ा देश की राजधानी दिल्ली (NCT Delhi) से सामने आया है। दिल्ली में देश के किसी भी अन्य राज्य के मुकाबले सबसे ज्यादा यानी 10.59 लाख से अधिक फोन ब्लॉक किए गए और इनमें से 6.67 लाख फोन ट्रेस भी हो गए। लेकिन जब बात जमीन पर फोन को जब्त करने की आई, तो दिल्ली पुलिस केवल 52,920 फोन ही बरामद कर सकी। इसका मतलब यह है कि दिल्ली का रिकवरी रेट महज 7.93% रहा, जो पूरे देश में सबसे कम है।

दिल्ली के अलावा भारतीय रेलवे (19.51%), पंजाब (23.60%), बिहार (24.28%), चंडीगढ़ (25.28%) और नागालैंड (25.41%) का रिकवरी प्रतिशत भी बेहद सुस्त रहा। बिहार में जहां 1.46 लाख से ज्यादा फोन ब्लॉक हुए और 97 हजार से ज्यादा ट्रेस हुए, वहां पुलिस महज 23,761 फोन ही रिकवर कर पाई।

संचार साथी और CEIR कैसे करता है चोरी के फोन को पंगु?

जब कोई नागरिक अपना फोन खो देता है या वह चोरी हो जाता है, तो वह संचार साथी पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) पर जाकर अपने फोन का आईएमईआई नंबर दर्ज कर उसे ब्लॉक कर सकता है। एक बार ब्लॉक होते ही वह फोन देश के किसी भी टेलीकॉम नेटवर्क (Jio, Airtel, Vi, BSNL) पर काम करना पूरी तरह बंद कर देता है। जैसे ही कोई चोर या नया व्यक्ति उसमें कोई दूसरा सिम कार्ड डालता है, सीईआईआर सिस्टम तुरंत नेटवर्क के जरिए उस डिवाइस की लोकेशन और नया नंबर ट्रेस कर संबंधित राज्य की पुलिस को अलर्ट भेज देता है। इसके बाद स्थानीय पुलिस उस लोकेशन पर दबिश देकर फोन बरामद करती है।