
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में अवैध निर्माण और बिना मानकों के चल रहे होटल-गेस्ट हाउस के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। धौली प्याऊ क्षेत्र और मालगोदाम रोड पर विकास प्राधिकरण और पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी कर होटलों की कुंडली खंगालना शुरू किया। इस दना-दन चली कार्रवाई के दौरान नियम विरुद्ध संचालित पाए गए 10 होटलों को मौके पर ही सील कर दिया गया, जबकि भारी कमियां मिलने पर 35 अन्य गेस्ट हाउस को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है। इस औचक कार्रवाई से पूरे इलाके के होटल संचालकों में खलबली मची हुई है।
धौली प्याऊ और मालगोदाम रोड पर सुबह से शुरू हुआ एक्शन मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि धौली प्याऊ और मालगोदाम रोड जैसे व्यस्त इलाकों में आवासीय नक्शे पर व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं। शनिवार सुबह जैसे ही प्रवर्तन दल की गाड़ियां पुलिस बल के साथ इन इलाकों में पहुंचीं, होटल संचालकों में अफरा-तफरी मच गई। जांच के दौरान पाया गया कि कई होटलों के पास न तो अग्निशमन (Fire) विभाग की एनओसी थी और न ही सराय एक्ट के तहत उनका पंजीकरण था। मानकों की धज्जियां उड़ाने वाले इन 10 प्रतिष्ठानों को प्रशासन ने तुरंत खाली कराकर उन पर सरकारी ताला जड़ दिया।
35 होटलों को मिला अंतिम अल्टीमेटम, होगी कुर्की की कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सीलिंग की यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। जिन 35 होटलों को नोटिस जारी किया गया है, उन्हें अपने दस्तावेज़ और सुरक्षा मानक पूरे करने के लिए सीमित समय दिया गया है। यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब या सुधार नहीं मिला, तो इन होटलों को भी सील करने के साथ-साथ ध्वस्तीकरण और कुर्की की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। एमवीडीए के सचिव के अनुसार, शहर के मुख्य मार्गों पर अनियोजित विकास और अवैध रूप से चल रहे लॉज अब राडार पर हैं और यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शहर के सौंदर्यीकरण पर प्रशासन का जोर मथुरा में रोजाना हजारों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अब बेहद सख्त रुख अपना रहा है। बिना फायर एग्जिट, संकरी गलियों में बने ऊंचे होटल और बिना पार्किंग वाले गेस्ट हाउस न केवल यातायात व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन के इस कदम की सराहना की है, क्योंकि अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के कारण धौली प्याऊ और रेलवे स्टेशन रोड पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती थी।
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