Wednesday , October 21 2026

नेपाल के रास्ते कनाडा भागने की फिराक में थे शूटर, मास्टरमाइंड अनिल पंडित ने तैयार किया था एस्केप रूट

बॉलीवुड के मशहूर एक्शन स्टार अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले की हाई-प्रोफाइल जांच में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के सनसनीखेज षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है। पुलिस की विशेष जांच टीम के अनुसार, वारदात को अंजाम देने वाले तीनों हमलावरों ने हमले के तुरंत बाद भारत की सीमाओं को लांघकर नेपाल के रास्ते फर्जी पासपोर्ट और जाली दस्तावेजों के सहारे सीधे कनाडा भागने की पूरी पुख्ता साजिश रची थी। इस खौफनाक वारदात का मुख्य सूत्रधार और लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट का सक्रिय डिजिटल हैंडलर अनिल पंडित बताया जा रहा है, जिसने शूटरों को वारदात के बदले मोटी रकम और सुरक्षित कनाडा में बसाने का वादा किया था। मुंबई क्राइम ब्रांच ने आधुनिक तकनीकी सर्विलांस, 550 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और सटीक लोकेशन ट्रैकिंग के दम पर राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर तीनों शूटरों को धर दबोचा।

जयपुर, दिल्ली से नेपाल बॉर्डर: अनिल पंडित ने बनाया था शूटर्स के लिए सेफ एस्केप प्लान

मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, विदेश में बैठे मुख्य साजिशकर्ता अनिल पंडित ने शूटरों को आश्वस्त किया था कि गोलीबारी करने के बाद उन्हें किसी भी हालत में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की गिरफ्त में नहीं आने दिया जाएगा। पंडित ने उनके भागने के लिए एक विशेष गोपनीय रूट का नक्शा तैयार किया था। तय योजना के तहत वारदात को अंजाम देकर हमलावरों को मुंबई से निकलकर सीधे राजस्थान के जयपुर पहुंचना था। जयपुर से सड़क मार्ग द्वारा एक साधारण बस में सवार होकर उन्हें देश की राजधानी दिल्ली पहुंचना था। दिल्ली से उन्हें उत्तर प्रदेश और बिहार की खुली सीमाओं के जरिए अवैध रूप से नेपाल में प्रवेश कराया जाना था। नेपाल के काठमांडू में उनके लिए पहले से ही फर्जी पहचान पत्रों पर तैयार जाली पासपोर्ट और वीजा का इंतजाम था, जिसके जरिए उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान से सीधे कनाडा पहुंचाने का अभूतपूर्व आश्वासन दिया गया था।

550 सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल ट्रैकिंग और कैब बुकिंग ने खोला शूटरों की लोकेशन का राज

वारदात के तुरंत बाद हरकत में आई मुंबई पुलिस की कई टीमों ने क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर घटनास्थल और आसपास के सभी निकास मार्गों पर लगे 550 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के विजुअल्स को बारीकी से खंगालना शुरू किया। जांच के दौरान पुलिस ने उस मोटरसाइकिल के असली मालिक को खोज निकाला जिसका इस्तेमाल शूटरों ने रेकी और फायरिंग के वक्त किया था। बाइक मालिक ने पूछताछ में शूटर ऋतिक का मोबाइल नंबर पुलिस के हवाले किया। तकनीकी सर्विलांस सेल ने जैसे ही उस नंबर को ट्रैक करना शुरू किया, पता चला कि ऋतिक भागते समय भी उसी फोन का इस्तेमाल कर रहा था। ऋतिक ने उसी मोबाइल नंबर से अपने और अपने दो अन्य साथियों—फूल सिंह और रेहान—के लिए मुंबई से सुरक्षित बाहर निकलने के वास्ते एक ऑनलाइन कैब बुक की थी। कैब के जीपीएस डेटा और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस को पता चला कि तीनों आरोपी गुजरात के सूरत पहुंचे और वहां से पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सवार हो गए। मुंबई पुलिस ने तत्काल राजस्थान पुलिस से संपर्क साधा और कोटा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही संयुक्त टीम ने तीनों शूटरों को दबोच लिया।

जुहू फुटबॉल ग्राउंड पर हफ्तों तक की गई थी रेकी, शेड्यूल लीक करने वालों पर शक

मुंबई पुलिस के वरिष्ठ जांच अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की दैनिक गतिविधियों, फिटनेस रूटीन और शूटिंग शेड्यूल का महीनों तक पीछा किया था। मुंबई के जुहू स्थित फुटबॉल मैदान के कई हफ्तों पुराने सीसीटीवी फुटेज को खंगालने पर पुलिस को संदिग्ध रूप से शूटरों द्वारा मैदान के इर्द-गिर्द रेकी करने के अकाट्य प्रमाण मिले हैं। जांचकर्ता अब इस पहलू की भी गहनता से तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या इन शूटरों के अलावा किसी स्थानीय मुखबिर या करीबी व्यक्ति ने टाइगर श्रॉफ के आने-जाने के समय, व्यक्तिगत कार्यक्रमों और सार्वजनिक मौजूदगी की गोपनीय जानकारियां विदेशी हैंडलर्स को पहुंचाई थीं। फिल्म इंडस्ट्री और अभिनेता के स्टाफ से जुड़े कई संपर्कों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) भी खंगाली जा रही हैं ताकि अंदरूनी मिलीभगत की तह तक पहुंचा जा सके।

5 राउंड फायरिंग और 2 जिंदा कारतूस बरामद, रेहान की पिस्टल लॉक होने से बची जान

फॉरेंसिक विशेषज्ञों और पुलिस टीम ने घटनास्थल से कुल पांच खाली खोखे बरामद किए हैं, जो यह साबित करते हैं कि हमले के दौरान अंधाधुंध पांच राउंड फायरिंग की गई थी। इसके साथ ही मौके से दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। जांच में सामने आया कि शूटर रेहान ने जब गोली चलाने की कोशिश की तो उसकी देसी पिस्तौल तकनीकी खराबी के चलते मौके पर ही जाम हो गई, जिसके कारण चैंबर में फंसी दो जिंदा गोलियां बिना चले ही जमीन पर गिर गईं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच में जिसे नाबालिग बताया जा रहा था, वह आरोपी फूल सिंह पूरी तरह बालिग है और उसी ने अपने हाथ में मौजूद हथियार से पांचों गोलियां दागी थीं।

कोटा कोर्ट से मिली ट्रांजिट रिमांड, सुरक्षा खतरे के आकलन के बाद मुंबई रवाना होगी टीम

कोटा की स्थानीय अदालत में पेशी के बाद मुंबई पुलिस को तीनों आरोपियों की औपचारिक ट्रांजिट रिमांड मिल गई थी। हालांकि सोमवार को सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किए गए सुरक्षा खतरे के आकलन में यह आशंका जताई गई कि प्रतिद्वंद्वी गैंग या बिश्नोई सिंडिकेट के अन्य गुर्गों द्वारा रास्ते में पुलिस काफिले पर हमला या संदिग्ध निगरानी की जा सकती है। इसी गंभीर सुरक्षा चिंता को देखते हुए मुंबई पुलिस और राजस्थान पुलिस के आला अधिकारियों ने सोमवार का प्रस्थान तत्काल टाल दिया था। अब अत्याधुनिक स्वचालित हथियारों से लैस अतिरिक्त सुरक्षा बलों के कड़े पहरे में मंगलवार को तीनों आरोपियों को सड़क और रेल मार्ग के रास्ते विशेष सुरक्षा घेरे में मुंबई लाया जा रहा है, जहां उन्हें रिमांड के लिए अदालत में पेश कर सिंडिकेट के वित्तीय संपर्कों पर पूछताछ की जाएगी।