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नौकरी में कन्नड़ युवाओं को प्राथमिकता दें: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की निजी कंपनियों से बड़ी अपील, सुरक्षा का भी दिया भरोसा

दक्षिण भारत के राजनीतिक गलियारों, औद्योगिक विकास और स्थानीय रोजगार के मोर्चे पर कर्नाटक से एक बेहद महत्वपूर्ण और चर्चा का विषय बनी खबर सामने आ रही है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने राज्य में निवेश करने वाली और काम कर रही तमाम निजी कंपनियों (Private Companies) से एक बड़ा और स्पष्ट आह्वान किया है। कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) से जुड़े एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कॉरपोरेट जगत से यह पुरजोर अपील की है कि वे अपनी कंपनियों में नौकरी की भर्तियों के दौरान स्थानीय कन्नड़ युवाओं को सबसे पहले प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसरों को लेकर सुगबुगाहट तेज है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने कंपनियों को यह भी आश्वस्त किया है कि सरकार उन्हें हरसंभव प्रशासनिक सहयोग प्रदान करेगी और किसी भी प्रकार की मोरल पुलिसिंग या अनावश्यक बाहरी दखलंदाजी से उनकी पूरी सुरक्षा करेगी। आइए विस्तार से जानते हैं कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के इस बयान के पीछे की मुख्य वजह क्या है और उन्होंने कॉरपोरेट जगत को क्या-क्या आश्वासन दिए हैं।

निजी कंपनियों से मुख्यमंत्री की दो टूक: स्थानीय कन्नड़ उम्मीदवारों को दें पूरा महत्व

राजधानी बेंगलुरु सहित पूरे कर्नाटक राज्य में देश-विदेश की तमाम दिग्गज आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और खुदरा कंपनियां बड़े पैमाने पर कारोबार कर रही हैं। इन कंपनियों में देश के अलग-अलग हिस्सों से युवा रोजगार की तलाश में आते हैं। इसी संदर्भ में बोलते हुए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कॉरपोरेट घरानों को राज्य की स्थानीय जनभावनाओं और यहां के युवाओं के भविष्य का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कंपनियों के प्रबंधकों और उद्योगपतियों से मुखातिब होते हुए कहा कि वे अपनी कंपनियों में कुशल युवाओं की भर्ती के समय स्थानीय कन्नड़ उम्मीदवारों को प्राथमिकता दें। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि यदि कंपनियों द्वारा स्थानीय स्तर पर युवाओं की अनदेखी की जाती है, तो इससे समाज में कई तरह की समस्याएं और नाराजगी सामने आने लगती हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार हर निवेशक और कंपनी के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन कॉरपोरेट जगत की भी यह नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी बनती है कि वे स्थानीय लोगों को उनके ही गृह राज्य में रोजगार के पर्याप्त अवसर मुहैया कराएं।

कंपनियों को सुरक्षा और पूर्ण सहयोग का भरोसा, मोरल पुलिसिंग से बचाने का किया वादा

स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की बात कहने के साथ-साथ मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उद्योग जगत को यह भी भरोसा दिलाया कि कर्नाटक में व्यापार करना पूरी तरह सुरक्षित और सुगम है। कई बार स्थानीय संगठनों या कार्यकर्ताओं द्वारा निजी कंपनियों पर दबाव बनाए जाने की घटनाओं के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार निवेशकों के साथ मजबूती से खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कॉरपोरेट जगत को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी कंपनी को कुशल युवाओं की भर्ती में या किसी अन्य प्रशासनिक कार्य में सहायता की आवश्यकता है, तो वे सीधे राज्य सरकार से संपर्क कर सकते हैं। सरकार उन्हें हरसंभव सुविधा और सिंगल-विंडो सिस्टम जैसी सहूलियतें मुहैया कराएगी। इसके अलावा, उन्होंने कंपनियों को यह भी गारंटी दी कि राज्य में किसी भी तरह की 'मोरल पुलिसिंग' (Moral Policing) या गैर-कानूनी दखलंदाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार हर हाल में निवेशकों और कंपनियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बशर्ते कंपनियां भी स्थानीय युवाओं के हितों का पूरा ख्याला रखें।

कन्नड़ संगठनों के राज्यव्यापी अभियान और स्थानीय रोजगार की मांग के बीच आया बयान

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का यह बयान बहुत ही रणनीतिक समय पर आया है। हाल ही में प्रसिद्ध कन्नड़ कार्यकर्ता टीए नारायण गौड़ा (TA Narayana Gowda) के नेतृत्व में 'कर्नाटक रक्षण वेदिके' (Karnataka Rakshana Vedike) नामक संगठन की ओर से एक बड़ा राज्यव्यापी अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य निजी कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों में कन्नड़ भाषियों को मिलने वाले रोजगार के अवसरों का आकलन करना और यह सुनिश्चित करना है कि स्थानीय लोगों को उनका उचित हक मिले।

इस तरह के अभियानों और स्थानीय स्तर पर उठ रही मांगों के बाद सरकार की यह पहल संतुलन बनाने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखी जा रही है। एक तरफ जहां सरकार स्थानीय युवाओं के रोजगार के अधिकार का समर्थन कर रही है, वहीं दूसरी तरफ वह निवेशकों के मन में किसी भी प्रकार की असुरक्षा की भावना को दूर करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है।

आइकिया (IKEA) स्टोर के उद्घाटन पर भी स्थानीय कारोबारियों को बढ़ावा देने की उठाई मांग

अपने इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध स्वीडिश फर्नीचर खुदरा विक्रेता 'आइकिया' (IKEA) के नए स्टोर का भी आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने मंच से एक और महत्वपूर्ण बात रखते हुए कहा कि कर्नाटक के स्थानीय छोटे उद्यमी और कारीगर उच्च गुणवत्ता वाले फर्नीचर और उत्पाद बनाने में पूरी तरह सक्षम हैं।

उन्होंने आइकिया के प्रबंधन से अनुरोध किया कि वे अपने आपूर्ति और निर्माण श्रृंखला (Supply Chain) में स्थानीय कारोबारियों का अधिक से अधिक उपयोग करें और उन्हें प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री ने दोहोरया कि कर्नाटक सरकार चाहती है कि राज्य में आने वाली हर बहुराष्ट्रीय कंपनी यहाँ के स्थानीय हुनर, स्थानीय संसाधनों और विशेष तौर पर कन्नड़ लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार और प्राथमिकता दे, जिससे राज्य का समग्र और समावेशी आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सके।