
News India Live, Digital Desk: पंजाब के मोगा जिले से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है, जहां उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रवासी मजदूरों पर बेरहमी से हमला किया गया। आरोप है कि यह हमला केवल लूटपाट के इरादे से नहीं, बल्कि भाषाई और क्षेत्रीय नफरत (Hate Crime) के चलते किया गया। इस घटना ने एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।देर रात मचा तांडव: क्या है पूरी घटना?जानकारी के अनुसार, मोगा के बाहरी इलाके में स्थित एक फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर जब अपने कमरे में सो रहे थे, तभी नकाबपोश हमलावरों ने धावा बोल दिया। पीड़ितों का आरोप है कि हमलावरों ने उनके साथ मारपीट करते हुए उन्हें ‘बाहरी’ कहा और राज्य छोड़कर जाने की धमकियां दीं। इस हमले में कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पुलिस की कार्रवाई और स्थानीय तनावघटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस इसे शुरुआती तौर पर आपसी विवाद या लूट की कोशिश के नजरिए से भी देख रही है, लेकिन पीड़ितों के बयानों ने इसे ‘नफरती अपराध’ का रंग दे दिया है।FIR दर्ज: अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।सुरक्षा बढ़ाई गई: इलाके में प्रवासी मजदूरों की बढ़ती संख्या और डर को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।सीसीटीवी फुटेज: पुलिस आसपास के कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।राजनीतिक गलियारों में हलचलUP और बिहार के मजदूरों पर हुए इस हमले के बाद राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दलों ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार से प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि पंजाब की अर्थव्यवस्था में इन मजदूरों का बड़ा योगदान है, ऐसे में उन पर होने वाले हमले राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।
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