
News India Live, Digital Desk : बिहार के न्यायिक गलियारों से बड़ी खबर सामने आ रही है। पटना हाईकोर्ट में जजों की कमी को दूर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम (Supreme Court Collegium) ने एक बड़ा कदम उठाया है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने पटना हाईकोर्ट में 9 नए जजों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।न्यायिक सेवा से प्रमोट होकर बनेंगे जजसुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई इस सिफारिश में खास बात यह है कि ये सभी 9 नाम न्यायिक सेवा (Judicial Service) से जुड़े अधिकारियों के हैं। इन अधिकारियों को उनके बेहतरीन करियर और अनुभव के आधार पर पदोन्नत (Promote) कर हाईकोर्ट का जज बनाने की अनुशंसा की गई है। केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद राष्ट्रपति द्वारा इनकी नियुक्ति के वारंट जारी किए जाएंगे।इन 9 नामों पर लगी मुहर (संभावित लिस्ट):कॉलेजियम ने जिन न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:शैलेंद्र पांडेयअरुण कुमार झाजितेंद्र कुमारआलोक कुमार पांडेसुनील कुमार पंवारचंद्र प्रकाश सिंहचंद्र शेखर झालक्ष्मण रेड्डी (संबंधित न्यायिक कोटे से)बिपन कुमारपटना हाईकोर्ट में कम होगी लंबित मुकदमों की संख्यावर्तमान में पटना हाईकोर्ट में जजों के स्वीकृत पदों की तुलना में काफी पद खाली चल रहे हैं। जजों की संख्या कम होने के कारण मुकदमों की पेंडेंसी (Pending Cases) लगातार बढ़ रही है। इन 9 नए जजों के आने से न केवल हाईकोर्ट की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि बिहार के आम लोगों को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद भी जगेगी।क्या होती है नियुक्ति की प्रक्रिया?सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा नामों की सिफारिश किए जाने के बाद यह फाइल केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय (Ministry of Law and Justice) के पास भेजी जाती है। मंत्रालय और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की जांच के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय के माध्यम से फाइल राष्ट्रपति के पास पहुंचती है। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होते ही जजों की नियुक्ति आधिकारिक हो जाती है और वे शपथ ग्रहण करते हैं।
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