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PoK में भारी तनाव के बीच शुरू हुआ विधानसभा चुनाव: 3 चरणों में होगी वोटिंग, जानें 12 विवादित सीटों का सच और भारत का रुख

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में भारी विरोध प्रदर्शनों और सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच आज, 27 जुलाई से विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग शुरू हो गई है। पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने क्षेत्र में जारी जनाक्रोश और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए इस बार तीन चरणों में मतदान कराने का फैसला किया है। पहले चरण में आज मीरपुर डिवीजन की 13 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, जबकि दूसरे चरण में 2 अगस्त और तीसरे चरण में 10 अगस्त को वोटिंग होगी। कुल 53 सीटों पर होने वाले इस चुनाव पर न केवल पाकिस्तान, बल्कि भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी पैनी नजर बनी हुई है।

3 चरणों में चुनाव और 12 शरणार्थी सीटों पर खड़ा हुआ बड़ा विवाद

चुनाव आयोग के शेड्यूल के अनुसार 2 अगस्त को मुजफ्फराबाद डिवीजन की 9 सीटों के साथ-साथ शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों पर भी वोट डाले जाएंगे। वहीं 10 अगस्त को अंतिम चरण में पुंछ की 11 सीटों पर मतदान संपन्न होगा। इस पूरे चुनाव में सबसे बड़ा विवाद इन 12 शरणार्थी सीटों को लेकर ही है। स्थानीय संगठनों और 'जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JKJAAC) का गंभीर आरोप है कि पाकिस्तान सरकार इन सीटों की आड़ में अपने पसंदीदा दल को फायदा पहुंचाने और चुनाव नतीजों में धांधली करने का काम करती है, जिससे स्थानीय लोगों का वास्तविक प्रतिनिधित्व कमजोर पड़ता है।

कैसे चलता है PoK का प्रशासन और किस पार्टी के बीच है मुख्य मुकाबला

व्यावहारिक रूप से PoK की पूरी व्यवस्था पाकिस्तान के कड़े नियंत्रण में काम करती है। कहने को तो यहां चुने गए विधायक क्षेत्र के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं, लेकिन प्रशासनिक और नीतिगत स्तर पर असल फैसले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली 'कश्मीर काउंसिल' और वहां की सेना ही लेती है। इस बार चुनाव में मुख्य मुकाबला पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के बीच माना जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि केंद्र में एक साथ सरकार चलाने वाले ये दोनों दल PoK में सत्ता के लिए आमने-सामने हैं। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मुजफ्फराबाद में रैली कर खुद PoK का प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जताकर सियासत गरमा दी है।

महंगाई से भड़का जनआंदोलन और भारत का कड़ा संदेश

बीते कई महीनों से PoK के लोग भारी महंगाई, बिजली के बेतहाशा बिलों और पाकिस्तानी नीतियों के खिलाफ लगातार सड़कों पर उतरे हुए हैं। यह आंदोलन अब पाकिस्तान सरकार और सेना की मौजूदगी के खिलाफ एक बड़े राजनीतिक संघर्ष का रूप ले चुका है। दूसरी ओर, भारत ने एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। नई दिल्ली का साफ कहना है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान सहित पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न व अविभाज्य अंग है। भारत इस गैर-कानूनी चुनाव प्रक्रिया को सिरे से खारिज करता है और PoK से जुड़े हर मुद्दे को अपना पूर्ण आंतरिक विषय मानता है।