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पहले भारतीय जहाज को बनाया निशाना, अब लाल सागर में तेल टैंकर के पास दागी मिसाइल; हूती विद्रोहियों का फिर खौफनाक तांडव

दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक लाल सागर (Red Sea) में एक बार फिर से अशांति और दहशत का माहौल गहरा गया है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने एक बार फिर अपनी कायराना हरकतों को अंजाम देते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हाल ही में इन विद्रोही ताकतों ने पहले भारत की ओर आ रहे या भारतीय समुद्री सीमा से जुड़े जहाजों को निशाना बनाया था और अब एक बार फिर लाल सागर के मुहाने पर एक बड़े कमर्शियल ऑयल टैंकर के बेहद करीब खतरनाक मिसाइल से हमला कर दिया है। इस सनसनीखेज घटना के बाद से वैश्विक शिपिंग कंपनियों और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई है, क्योंकि इस रास्ते से होने वाला अंतरराष्ट्रीय व्यापार गंभीर खतरे में पड़ गया है।

हूतियों के इस खौफनाक हमले की पूरी ड्रामेटिक घटना

समुद्री सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने लाल सागर से गुजर रहे एक ऑयल टैंकर को निशाना बनाकर आसमान में अचानक मिसाइल दाग दी। गनीमत यह रही कि मिसाइल सीधे तौर पर जहाज से टकराने के बजाय उसके ठीक पास पानी में जाकर गिरी, जिससे एक बड़ा और भयानक जल-प्रलय टल गया, वरना यह हादसा इतिहास के सबसे बड़े समुद्री灾难 में बदल सकता था। इस जोरदार धमाके के बाद टैंकर पर सवार चालक दल के सदस्यों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल एक्टिवेट कर दिए गए। यह हमला एक बार फिर यह साबित करता है कि हूती विद्रोही इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले हर एक वैश्विक जहाज के लिए काल बनते जा रहे हैं।

भारत से जुड़े जहाजों पर भी पहले मंडरा चुका है बड़ा खतरा

हूती विद्रोहियों की यह खूनी साजिशें नई नहीं हैं। इससे पहले भी इन आतंकवादियों ने भारत के समुद्री हितों और भारतीय जहाजों को अपने हमलों की जद में लिया था। लाल सागर और अदन की खाड़ी के इस पूरे इलाके में भारत आने-जाने वाले कमर्शियल कार्गो और तेल टैंकरों पर कई बार मिसाइलें और ड्रोन दागे जा चुके हैं। भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने अतीत में भी अदम्य साहस और पराक्रम दिखाते हुए कई संकट में फंसे जहाजों और भारतीय नाविकों की जान बचाई है। इसके बावजूद हूती विद्रोहियों का यह दुस्साहस कम होने का नाम नहीं ले रहा है, जो ग्लोबल इकोनॉमी और एनर्जी सप्लाई चेन के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति पैदा कर रहा है।

वैश्विक व्यापार और क्रूड ऑयल की सप्लाई पर मंडराया संकट का बादल

लाल सागर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण चॉकपॉइंट्स में से एक है, जहां से एशिया और यूरोप के बीच का अधिकांश तेल और व्यापारिक सामान गुजरता है। हूतियों द्वारा लगातार किए जा रहे इन मिसाइल हमलों के कारण अब दुनिया भर की बड़ी शिपिंग कंपनियों को मजबूरन लंबे और महंगे रास्तों यानी केप ऑफ गुड होप (Cape of Good Hope) का चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। इस कारण माल ढुलाई का खर्च (Freight Cost) आसमान छू रहा है और भारत समेत पूरी दुनिया में कच्चे तेल, गैस और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों के बढ़ने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय और महाशक्तियां अब इन हमलों से निपटने के लिए किसी ठोस और स्थायी सैन्य कार्रवाई की योजना बनाने पर मजबूर हो गई हैं।