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पाकिस्तान में ‘असली बॉस’ कौन? आसिम मुनीर या सरकार? पत्रकार के तीखे सवाल पर रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के उड़े तोते, कैमरे पर खुली पोल..

पाकिस्तान की राजनीति और वहां की सेना के बीच का रिश्ता हमेशा से ही दुनिया भर में चर्चा और कौतूहल का विषय रहा है। एक बार फिर इस मुद्दे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर ली हैं, जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ एक लाइव इंटरव्यू के दौरान पूरी तरह से असहज नजर आए। एक विदेशी पत्रकार ने जब उनसे सीधे शब्दों में पूछ लिया कि आखिर पाकिस्तान की सत्ता की असली चाबी किसके हाथ में है—सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के पास या देश की चुनी हुई सरकार के पास? इस सवाल को सुनते ही रक्षा मंत्री के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं और उनकी प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। पत्रकार का वो तीखा सवाल और रक्षा मंत्री की बोलती बंद अक्सर बेहद आक्रामक अंदाज में बात करने वाले पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को इस बात का अंदाजा बिल्कुल नहीं था कि एक आम इंटरव्यू उनके लिए इतनी बड़ी फजीहत का सबब बन जाएगा। इंटरव्यू के दौरान पत्रकार ने बिना किसी लाग-लपेट के पूछा, "पाकिस्तान को वास्तव में चला कौन रहा है, आर्मी चीफ आसिम मुनीर या फिर आप लोग (सरकार)?" इस सवाल के सामने आते ही ख्वाजा आसिफ कुछ सेकंड के लिए बिल्कुल सन्न रह गए। उनके चेहरे पर आई अचानक घबराहट और सकपकाहट को कैमरे ने साफ-साफ कैद कर लिया। वह सवाल का सीधा और ठोस जवाब देने के बजाय बगलें झांकते नजर आए। अजीबोगरीब हंसी और बयानों की कशमकश जब ख्वाजा आसिफ को तुरंत कोई माकूल जवाब नहीं सूझा, तो उन्होंने अपनी घबराहट को छिपाने के लिए एक बेहद अजीबोगरीब और बनावटी हंसी हंसनी शुरू कर दी। राजनीति में अक्सर कहा जाता है कि जब राजनेता बिना बात के हंसने लगें, तो समझो सच बाहर आने वाला है। कुछ देर हंसने के बाद उन्होंने बेहद संभलकर जवाब देने की कोशिश की और कहा कि देश का कामकाज चुनी हुई सरकार ही देख रही है, लेकिन उनकी इस दलील और चेहरे के हाव-भाव में जरा भी तालमेल नहीं दिख रहा था। उनकी इस हंसी ने ही दुनिया के सामने पूरी सच्चाई की पोल खोल कर रख दी कि पाकिस्तान में आज भी लोकतंत्र सिर्फ एक मुखौटा है। सेना का पुराना दखल और 'हाइब्रिड मॉडल' की सच्चाई यह पूरी घटना एक बार फिर इस बात पर मुहर लगाती है कि पाकिस्तान में सेना का वर्चस्व आज भी उतना ही मजबूत है जितना पहले था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ख्वाजा आसिफ की ये सकपकाहट दरअसल उस 'हाइब्रिड मॉडल' का सच है, जहां नीतियां और बड़े फैसले परदे के पीछे से रावलपिंडी (आर्मी हेडक्वार्टर) से तय होते हैं, और इस्लामाबाद में बैठी सरकार सिर्फ उन पर दस्तखत करने का काम करती है। जनरल आसिम मुनीर के कार्यकाल में भी सेना का दबदबा देश की आंतरिक और विदेश नीति पर साफ तौर पर देखा जा सकता है, जिसे रक्षा मंत्री जैसा बड़ा नेता भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर छुपा नहीं पाया। पाकिस्तान में सेना और सरकार के बीच असली पावर गेम की पोल खुल गई है। पत्रकार ने जब रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से पूछा कि असली बॉस आर्मी चीफ आसिम मुनीर हैं या आप, तो वह लाइव कैमरे पर सकपका गए। जानिए पूरी खबर।