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बिहार की राजनीति में नया भूचाल! राबड़ी आवास विवाद पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का अब तक का सबसे तीखा हमला

बिहार के सियासी गलियारों में सरकारी बंगलों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बेहद आक्रामक और बड़े राजनीतिक टकराव में बदल चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास को लेकर चल रही खींचतान के बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के फायरब्रांड नेता सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर अब तक का सबसे बड़ा और सीधा हमला बोला है। सम्राट चौधरी ने बेहद कड़े लहजे में साफ कर दिया है कि सत्ता से बाहर होने के बाद भी सरकारी संसाधनों पर कब्जा जमाए रखने की आदत अब बिहार में नहीं चलेगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कोई भी सरकारी बंगला किसी नेता या दल की व्यक्तिगत जागीर नहीं होता है, वह जनता की संपत्ति है। इस तीखे बयान के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और सत्ता पक्ष के बीच जुबानी जंग अपने चरम पर पहुंच गई है और पटना से लेकर दिल्ली तक की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आखिर क्यों शुरू हुआ राबड़ी आवास को लेकर यह नया विवाद, जानिए क्या है इसके पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी दरअसल, यह पूरा विवाद राष्ट्रीय जनता दल के शीर्ष नेतृत्व और लालू परिवार के नियंत्रण वाले सरकारी आवासों को लेकर शुरू हुआ है। सरकार बदलने के बाद नियमों के मुताबिक पूर्व मंत्रियों और विपक्षी नेताओं को अपने पुराने सरकारी बंगले खाली कर नए आवंटित आवासों में शिफ्ट होना था। लेकिन विपक्ष के कई बड़े नेताओं द्वारा लंबे समय से इन बंगलों को खाली न करने और नियमों की अनदेखी करने का आरोप सत्ता पक्ष लगा रहा था। इसी मुद्दे पर जब पत्रकारों ने उपमुख्यमंत्री से सवाल पूछा, तो सम्राट चौधरी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि नियम सबके लिए बराबर हैं, चाहे वह कोई आम नागरिक हो या बिहार का कोई बड़ा राजनीतिक परिवार। कानून के दायरे में रहकर सभी को तय प्रक्रिया का पालन करना ही होगा। रसूख और जागीरदारी की राजनीति का दौर अब हुआ खत्म; सम्राट चौधरी ने आरजेडी को याद दिलाए नियम डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने लालू-राबड़ी परिवार का नाम लिए बिना उनके राजनीतिक रसूख पर चोट करते हुए कहा कि बिहार अब जागीरदारी प्रथा से बहुत आगे निकल चुका है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि एक बार जिस बंगले में वे रहने आ गए, वह हमेशा के लिए उनका हो गया। सम्राट चौधरी ने आरजेडी को नसीहत देते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और सत्ता के बदलते ही संवैधानिक नियमों का सम्मान करना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो लोग सम्मान से सरकारी बंगला खाली नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ विभाग अपने नियमों के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। पलटवार के लिए तैयार विपक्ष; बंगले की इस लड़ाई से बिहार विधानसभा चुनाव से पहले गर्माया माहौल सम्राट चौधरी के इस करारे हमले के बाद राष्ट्रीय जनता दल के खेमे में भी खलबली मच गई है। आरजेडी के प्रवक्ताओं ने सत्ता पक्ष के इस कदम को राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित और लालू परिवार को जानबूझकर परेशान करने की साजिश करार दिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सुरक्षा और वरिष्ठता के आधार पर इन आवासों का आवंटन किया गया था, जिसे जबरन खाली कराना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि सरकारी बंगले की यह लड़ाई सिर्फ ईंट-पत्थरों की नहीं, बल्कि आगामी चुनावों से पहले जनता के बीच अपनी राजनीतिक ताकत और साख दिखाने की एक बड़ी नूराकुश्ती है, जो आने वाले दिनों में और ज्यादा उग्र रूप अख्तियार कर सकती है।