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ट्रंप ने फिर चौपट कर दी थी डील, ईरान की अकड़ से बेहोश हो रहा था पाक… खुद कालिबाफ ने सुनाई इनसाइड स्टोरी

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और खाड़ी देशों के भू-राजनीतिक गलियारों से एक बेहद ही चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जिसने पाकिस्तान की पूरी रणनीतिक विफलता को दुनिया के सामने लाकर रख दिया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने एक बेहद ही सनसनीखेज इनसाइड स्टोरी बयां की है। इस खुलासे के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त नीतियों और ईरान के प्रति उनके कड़े रुख के कारण पाकिस्तान और ईरान के बीच होने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय डील पूरी तरह से तबाह हो गई थी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ईरान के सख्त तेवरों और अमेरिकी प्रतिबंधों के दोहरे डर से पाकिस्तान की हालत ऐसी हो गई थी कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी साख बचाने के लिए गिड़गिड़ाने पर मजबूर हो गया था।

गैस पाइपलाइन और रणनीतिक समझौते की वो इनसाइड स्टोरी

अगर हम इस पूरे मामले की तह में जाएं, तो यह विवाद मुख्य रूप से ईरान-पाकिस्तान (IP) गैस पाइपलाइन परियोजना से जुड़ा हुआ है, जिसे 'पीस पाइपलाइन' के नाम से भी जाना जाता है। ईरान ने अपने हिस्से की पाइपलाइन का निर्माण काफी पहले ही पूरा कर लिया था और वह पाकिस्तान पर अपने हिस्से का काम पूरा करने का लगातार दबाव बना रहा था। ईरान की इस सख्त अकड़ के सामने पाकिस्तान के पसीने छूट रहे थे क्योंकि इस्लामाबाद को डर था कि अगर उसने ईरान के साथ काम आगे बढ़ाया तो अमेरिकी प्रतिबंध उसे पूरी तरह बर्बाद कर देंगे। कालिबाफ के खुलासे ने यह साफ कर दिया है कि ईरान इस सौदे को लेकर किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं था, जिससे पाकिस्तान पूरी तरह अलग-थलग पड़ गया था।

डोनाल्ड ट्रंप की एंट्री और इस्लामाबाद का मास्टर प्लान फेल

इस पूरी कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में रहते हुए ईरान पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध (Sanctions) लगा दिए। ट्रंप प्रशासन की इस आक्रामक नीति ने पाकिस्तान के तत्कालीन नेतृत्व को हिलाकर रख दिया। ट्रंप ने साफ चेतावनी दी थी कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापारिक या रणनीतिक संबंध रखेगा, उसे अमेरिकी वित्तीय तंत्र से बाहर कर दिया जाएगा। इस एक फैसले ने पाकिस्तान के उस मास्टर प्लान को पूरी तरह चौपट कर दिया जिसके जरिए वह सस्ती ईरानी गैस हासिल करने की उम्मीद लगाए बैठा था। वाशिंगटन के इस कड़े रुख के बाद पाकिस्तान के पास डील से पीछे हटने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था, जिससे ईरान भड़क गया और उसने पाकिस्तान पर अरबों डॉलर के जुर्माने की तलवार लटका दी।

कंगाली के दौर में पाकिस्तान के सामने अब क्या है रास्ता

ईरान की संसद में हुए इस खुलासे ने पाकिस्तान की दोहरी नीति और उसकी लाचारी को एक बार फिर दुनिया के सामने उजागर कर दिया है। आज के समय में जब पाकिस्तान पहले से ही रिकॉर्डतोड़ महंगाई, विदेशी मुद्रा भंडार के संकट और आईएमएफ (IMF) के कड़े कर्ज के जाल में फंसा हुआ है, ईरान के साथ बढ़ता यह कानूनी और रणनीतिक तनाव उसकी मुश्किलें कई गुना बढ़ाने वाला है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी अंतरराष्ट्रीय अदालतों में इस मामले को ले जाने के अधिकार से पीछे नहीं हटेगा। इस जमीनी रिपोर्टर की मानें तो पाकिस्तान अब एक ऐसे चौराहे पर खड़ा है जहां एक तरफ अमेरिका की नाराजगी का कुआं है और दूसरी तरफ ईरान के भारी जुर्माने की खाई, जिससे पार पाना शाहबाज शरीफ सरकार के लिए फिलहाल नामुमकिन नजर आ रहा है।