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बीजेपी के नए ‘कॅप्टन’ की खोज ,क्या नितिन नवीन बनने जा रहे हैं नड्डा के उत्तराधिकारी?

News India Live, Digital Desk: भारतीय राजनीति के केंद्र में रहने वाली बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी में इन दिनों संगठन के स्तर पर बड़े बदलावों की तैयारी चल रही है। पिछले काफी समय से यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि जेपी नड्डा (JP Nadda) के बाद अब इस दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी की बागडोर किसके हाथ में होगी? इस सवाल के बीच एक नाम जो सबसे अधिक सुर्खियों में बना हुआ है, वह है नितिन नवीन (Nitin Nabin)।कौन हैं नितिन नवीन और क्यों हो रही है इतनी चर्चा?अकसर देखा गया है कि बीजेपी में पदों का चुनाव किसी फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं होता, जहां अंत तक सस्पेंस बना रहता है। नितिन नवीन का नाम उछलने के पीछे कई ठोस कारण हैं। वे न केवल बिहार के एक कद्दावर युवा चेहरे हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी संगठन शक्ति को दिल्ली ने बहुत बारीकी से देखा है। जब नितिन नवीन को कोई जिम्मेदारी दी गई, तो उन्होंने नतीजों के जरिए अपनी योग्यता साबित की है।आजकल कयास लगाए जा रहे हैं कि संगठन को एक ऐसे चेहरे की जरूरत है जो आक्रामक भी हो और साथ ही संगठनात्मक ढांचे की गहराई को भी समझता हो।जेपी नड्डा की विदाई और नए चुनाव की प्रक्रियाजेपी नड्डा का कार्यकाल कई सफलताओं भरा रहा, लेकिन अब बारी नए नेतृत्व की है। नियम तो यह है कि जब तक देश के कम से कम आधे राज्यों में संगठन का चुनाव पूरा नहीं हो जाता, तब तक नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होती। जानकारों की मानें तो, बहुत जल्द हमें उस तारीख की घोषणा देखने को मिल सकती है जब बीजेपी अपने नए अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगाएगी। अटकलें हैं कि यह बदलावफरवरी-मार्च (अगले कुछ महीनों में) के बीच जमीन पर दिखने लगेगा।रेस में और भी नाम, पर नितिन नवीन का पलड़ा भारी?सोशल मीडिया और पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स की मानें तो केवल नितिन नवीन ही नहीं, बल्कि कुछ और बड़े चेहरे भी रेस में हैं। लेकिन जिस तरह से पार्टी अपनी ‘बिहार-छत्तीसगढ़-उत्तर प्रदेश’ वाली रणनीति पर ध्यान दे रही है, उसमें नितिन नवीन जैसे नेता बिल्कुल फिट बैठते हैं। उनके बारे में सबसे बड़ी बात यह कही जाती है कि वे पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं और नए वोटरों के बीच एक पुल का काम कर सकते हैं।