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राहुल गांधी पर बीजेपी का बड़ा हमला पीएम मोदी और भारत के खिलाफ विदेश से रची जा रही है साजिश

News India Live, Digital Desk : भारतीय राजनीति में शांति हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है? सियासी तापमान एक बार फिर चढ़ गया है और इस बार मामला ‘जमीन’ का नहीं, बल्कि ‘डिजिटल दुनिया’ और ‘विदेश’ का है।भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर अब तक का सबसे गंभीर आरोप लगाया है। बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी देश के अंदर तो पीएम मोदी का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए अब वो विदेशी सोशल मीडिया (Foreign Social Media) और बाहरी ताकतों की मदद लेकर भारत की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।सुधांशु त्रिवेदी का आक्रामक रुखबीजेपी के फायरब्रांड प्रवक्ता और सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी (Sudhanshu Trivedi) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीधे-सीधे राहुल गांधी को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यह कोई संयोग (Coincidence) नहीं है कि जब भी संसद का सत्र शुरू होने वाला होता है या कोई बड़ा चुनाव आता है, राहुल गांधी विदेश चले जाते हैं या विदेश से अचानक भारत विरोधी खबरें ट्रेंड करने लगती हैं।क्या है असली आरोप? (What is the allegation?)बीजेपी का दावा है कि राहुल गांधी और कांग्रेस एक सोची-समझी साजिश के तहत एक “एंटी-इंडिया” (Anti-India) और “एंटी-मोदी” नरेटिव गढ़ रहे हैं।सुधांशु त्रिवेदी ने इशारा किया कि सोशल मीडिया पर जो कैम्पेन चलते हैं, उनके तार विदेशों से जुड़े होते हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी हार और हताशा में इस हद तक गिर गए हैं कि वे अब उन ताकतों के साथ खड़े दिख रहे हैं जो भारत की प्रगति से जलते हैं।”बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी ‘मोहब्बत की दुकान’ की बात करते हैं, लेकिन असल में वे नफरत और डर का सामान विदेश से इम्पोर्ट कर रहे हैं।”विदेशी आकाओं को खुश करने की कोशिश?”बीजेपी ने यह सवाल भी उठाया कि आखिर राहुल गांधी को बार-बार यह क्यों साबित करना पड़ता है कि भारत में सब कुछ गलत हो रहा है? उनका आरोप है कि राहुल गांधी जानबूझकर विदेशी मंचों पर भारत के लोकतंत्र, चुनाव आयोग और अदालतों पर सवाल उठाते हैं ताकि पश्चिमी देशों (Western Countries) का ध्यान खींच सकें और भारत पर दबाव बनाया जा सके।त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कहा, “जब भी भारत तरक्की करता है, राहुल गांधी को दुख क्यों होता है? क्या वे विदेशी एजेंसियों के इशारों पर काम कर रहे हैं?”सियासी मायने (Political Analysis)राजनीतिक जानकारों की मानें तो बीजेपी इस मुद्दे को जोर-शोर से इसलिए उठा रही है ताकि जनता को यह संदेश दिया जा सके कि कांग्रेस देशहित के बजाय सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। संसद का सत्र नजदीक है, और ऐसे में “राष्ट्रवाद बनाम विदेशी साजिश” का यह मुद्दा कांग्रेस के लिए गले की फांस बन सकता है।फिलहाल, कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है, लेकिन बीजेपी के इस ‘हमले’ ने सोशल मीडिया पर नई बहस जरूर छेड़ दी है।आप क्या सोचते हैं? क्या सच में विपक्ष विदेशी मदद लेकर सरकार को गिराने या देश को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है? या यह सिर्फ राजनीति है?