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रूस-ईरान को झटका अब वेनेजुएला से तेल खरीदेगा भारत, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा खुलासा हो गई है डील

News India Live, Digital Desk : वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के एक ताजा बयान ने पूरी दुनिया के भू-राजनीतिक समीकरणों को हिला कर रख दिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि भारत अब रूस और ईरान के बजाय वेनेजुएला (Venezuela) से कच्चे तेल का आयात करने जा रहा है और इस संबंध में एक बड़ी डील फाइनल हो चुकी है। यह कदम न केवल वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित करेगा, बल्कि भारत के रणनीतिक संबंधों में भी एक नया मोड़ ला सकता है।डोनाल्ड ट्रंप का ‘मास्टरस्ट्रोक’: रूस और ईरान को किनारे लगाने की तैयारी? अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वेनेजुएला के साथ हुए इस नए समझौते के बाद भारत की निर्भरता उन देशों पर कम होगी जिनके साथ अमेरिका के तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। ट्रंप ने कहा, “डील पक्की हो गई है! भारत अब वेनेजुएला से तेल का आयात करेगा। यह कदम ग्लोबल मार्केट में स्थिरता लाएगा और हमारे सहयोगियों के लिए ऊर्जा के नए विकल्प खोलेगा।” विशेषज्ञ इसे ट्रंप प्रशासन की उस रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं, जिसके जरिए वे रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाए रखना चाहते हैं और ईरान के तेल निर्यात को सीमित करना चाहते हैं।भारत के लिए क्यों जरूरी है वेनेजुएला का तेल? भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से भारत ने रूस से भारी छूट पर तेल खरीदा है, लेकिन अब बदलते समीकरणों के बीच वेनेजुएला एक किफायती विकल्प के रूप में उभरा है।भारी तेल (Heavy Oil): भारत की रिफाइनरियां वेनेजुएला के भारी तेल को प्रोसेस करने के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं।सप्लाई चेन: वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, जिससे लंबी अवधि तक आपूर्ति सुनिश्चित हो सकती है।अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील: अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर प्रतिबंधों में नरमी बरतने के संकेतों ने इस डील का रास्ता साफ किया है।रूस और ईरान पर क्या होगा असर? पिछले दो वर्षों में रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता (Supplier) बन गया था। यदि भारत अपनी खरीद का एक बड़ा हिस्सा वेनेजुएला की ओर मोड़ता है, तो रूस के लिए अपने तेल के लिए नए बाजार ढूंढना एक बड़ी चुनौती होगी। वहीं, ईरान जो पहले से ही कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, उसके लिए भारत जैसे बड़े खरीदार का हाथ खींचना एक बड़ा आर्थिक झटका साबित हो सकता है।भारतीय अर्थव्यवस्था और पेट्रोल-डीजल की कीमतें बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि भारत को वेनेजुएला से प्रतिस्पर्धी दरों पर तेल मिलता है, तो घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता आ सकती है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और महंगाई पर काबू पाने में मदद मिलेगी।