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वर्ली की वोटर लिस्ट में बड़ा झोल? आदित्य ठाकरे का सनसनीखेज दावा- जिसकी मौत हो गई, उसने भी दिया वोट

मुंबई:महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे आए हुए कई महीने बीत चुके हैं,लेकिन शिवसेना (UBT)नेता आदित्य ठाकरे के एक सनसनीखेज दावे ने एक बार फिर सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। आदित्य ने दावा किया है कि उनके वर्ली विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में इतनी गड़बड़ियां थीं कि वहां पिछले साल हुए चुनावों के दौरान जमकर’फर्जी वोटिंग’हुई।मुंबई में पार्टी की एक रैली में आदित्य ठाकरे ने बिल्कुल राहुल गांधी के अंदाज़ में एक मीडिया प्रेजेंटेशन के ज़रिए यह दिखाया कि कैसे वोटर लिस्ट में कथित तौर पर हेराफेरी की गई,और इसका असर आने वाले बीएमसी (BMC)चुनावों पर भी पड़ सकता है।हज़ारों गड़बड़ियाँ,मुर्दों के नाम पर भी वोट!आदित्य ठाकरे और उनकी टीम द्वारा किए गए दावे वाकई चौंकाने वाले हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टीम को जाँच में क्या मिला:19,000से ज़्यादा गड़बड़ियाँ:लोकसभा और विधानसभा चुनावों के आंकड़ों की तुलना करने पर वर्ली विधानसभा में लगभग16,000नए वोटर जुड़े,लेकिन जब उनकी टीम ने इसकी जाँच की,तो19,000से ज़्यादा खामियाँ सामने आईं।लिंग में हेरफेर: 643मामलों में वोटरों के लिंग (महिला/पुरुष) में गड़बड़ी पाई गई,जिसे चुनाव आयोग ने महज़’प्रिंटिंग की गलती’बता दिया।पिता और बेटे का नाम एक: 502मामले ऐसे थे,जहाँ वोटर और उसके पिता का नाम एक ही लिखा हुआ था।मुर्दे भी बन गए वोटर:सबसे हैरान करने वाला मामला यह था कि एक व्यक्ति जिसकी मौत हो चुकी थी,और लोकसभा चुनाव की लिस्ट से उसका नाम हटा दिया गया था,उसका नाम विधानसभा चुनाव की लिस्ट में एक नए वोटरIDकार्ड नंबर के साथ फिर से आ गया!आदित्य ठाकरे ने सीधे तौर पर कहा, “हम सभी को उम्मीद थी किMVA (महाविकास अघाड़ी) सरकार बनाएगी,लेकिन नतीजों ने सबको हैरान कर दिया। आज मैं आपको दिखा रहा हूँ कि कैसे एक फ़र्ज़ी वोटर लिस्ट ने उन नतीजों को प्रभावित किया होगा।”क्याBMCचुनाव पर भी पड़ेगा असर?आदित्य ठाकरे ने ज़ोर देकर कहा कि अगर आगामी बीएमसी चुनावों से पहले इस मतदाता सूची की ठीक से जाँच और सुधार नहीं किया गया, तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद ख़तरनाक होगा।उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे चुनाव आयोग द्वारा जारी हर मतदाता सूची की सावधानीपूर्वक जाँच करें ताकि चुनावों में कोई धांधली न हो।बिहार का उदाहरण दियाशिवसेना (यूबीटी) लगातार आरोप लगाती रही है कि महाराष्ट्र की मतदाता सूची में जानबूझकर बाहरी लोगों के नाम जोड़े गए हैं। बिहार का उदाहरण देते हुए पार्टी ने कहा कि वहाँ जब मतदाता सूची की जाँच की गई, तो 7.9 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 48 लाख नाम फ़र्ज़ी पाए गए और उन्हें हटा दिया गया। पार्टी का कहना है कि अगर मुंबई में भी इसी तरह की निष्पक्ष जाँच की जाए, तो यहाँ भी एक “बड़ी गड़बड़ी” सामने आएगी, जिससे चुनावों में धांधली का रास्ता खुल सकता है।