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शशि थरूर ने भारतीय-अमेरिकियों को दिखाया आईना! बोले- ‘देश की चिंता है, तो अमेरिका में लड़ना भी सीखो’

भारत और अमेरिका के रिश्तों में आजकल थोड़ी खटपट चल रही है। वजह?अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारतीय सामानों पर भारी-भरकम टैक्स (टैरिफ) लगा देना। लेकिन अब इस तनाव के बीच एक अच्छी खबर आई है,जिसका कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने खुलकर स्वागत किया है।दरअसल,अमेरिका के19डेमोक्रेट सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप को एक चिट्ठी लिखी है,जिसमें उन्होंने साफ-साफ कहा है कि भारत के साथ बिगड़ते रिश्तों को”रीसेट और रिपेयर”करने का वक़्त आ गया है। यानी,जो गड़बड़ हो गई है,उसे सुधारिए।शशि थरूर खुश,लेकिन एक चुभती हुई बात भी याद दिलाईशशि थरूर ने इस पहल की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हुई। लेकिन इस मौके पर उन्होंने भारतीय-अमेरिकी समुदाय को एक तरह से आईना भी दिखाया। थरूर ने कहा कि वे लंबे समय से इसी बात को लेकर परेशान थे कि जब भारत को ज़रूरत होती है,तो अमेरिका में बसे भारतीय-अमेरिकी अपने नेताओं पर दबाव क्यों नहीं बनाते?उन्होंने साफ कहा, “जब मैंने प्रवासी समुदाय की चुप्पी पर सवाल उठाया था,तो मेरा मकसद यही था कि वे अपने राजनीतिक प्रतिनिधियों (सांसदों) पर भारत के पक्ष में खड़े होने के लिए दबाव डालें।”थरूर ने कहा कि यह अच्छी बात है कि अमेरिकी नेता भारत के लिए बोल रहे हैं,लेकिन अगर अमेरिका में बसे भारतीय भी अपने हक के लिए आवाज़ उठाएं,तो इसका असर कहीं ज़्यादा होगा।अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप को क्यों चेताया?इस चिट्ठी पर रो खन्ना,राजा कृष्णमूर्ति और प्रमिला जयपाल जैसे बड़े भारतीय-अमेरिकी नेताओं के भी दस्तखत हैं। उन्होंने ट्रंप को सीधी चेतावनी दी है:भारत पर भारी टैक्स लगाने से दोनों देशों के बीच व्यापार को नुकसान होगा।इससे अमेरिकी कंपनियों के लिए भी भारत से सामान मंगाना मुश्किल हो जाएगा।और सबसे बड़ी बात—अगर आप भारत से ऐसे ही टकराव मोल लेते रहे,तो वहरूस और चीन के करीबजा सकता है। ऐसा हुआ तो चीन की बढ़ती दादागिरी को रोकने के लिए अमेरिका अकेला पड़ जाएगा।थरूर की भारतीय-अमेरिकियों से सीधी अपीलथरूर पहले भी इस मुद्दे को ज़ोर-शोर से उठाते रहे हैं। उन्होंने अपनी पुरानी बात दोहराते हुए कहा, “कई अमेरिकी सांसद मुझसे कहते हैं कि उन्हें अपने इलाके के भारतीय-अमेरिकी वोटरों से एक भी फोन नहीं आता कि वे भारत का समर्थन करें। यहहैरान करने वाली चुप्पीहै।”उन्होंने भारतीय-अमेरिकी समुदाय से सीधी अपील की:“अगर आपको अपनी मातृभूमि से रिश्ते की परवाह है,तो आपको उसके लिए लड़ना भी होगा,आवाज़ भी उठानी होगी और अपने राजनीतिक प्रतिनिधियों पर भारत के लिए खड़े होने का दबाव भी डालना होगा। सिर्फ महसूस करना काफी नहीं है,एक्शन लेना ज़रूरी है।”