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शेयर बाजार में अचानक लौटी गिरावट: रिकॉर्ड हाई से 400 अंक फिसला सेंसेक्स, निफ्टी 23,950 के नीचे बंद

भारतीय शेयर बाजार में आज के कारोबारी सत्र में भारी उठापटक का माहौल देखा गया। सुबह के समय मजबूती के साथ कारोबार शुरू करने के बाद बाजार ऊपरी स्तरों को बनाए रखने में नाकाम रहा और मुनाफावसूली के दबाव में अचानक लड़खड़ा गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से करीब 400 अंक से अधिक नीचे आ गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी बिकवाली के चौतरफा दबाव के चलते 23,950 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल कर बंद हुआ। दलाल स्ट्रीट में अचानक आई इस गिरावट से निवेशकों में थोड़ी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि प्रमुख सेक्टर्स में ऊपरी स्तरों पर भारी प्रॉफिट बुकिंग देखी गई।

बैंकिंग और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली से बिगड़ा बाजार का मूड बाजार में आई इस अचानक गिरावट के पीछे मुख्य वजह हैवीवेट शेयरों में हुई बिकवाली को माना जा रहा है। शुरुआती सत्र में बाजार को सहारा देने वाले बैंकिंग, ऑटो और आईटी इंडेक्स दोपहर के बाद दबाव में आ गए। निफ्टी बैंक और वित्तीय सेवा क्षेत्र के शेयरों में आई कमजोरी ने पूरे मार्केट सेंटिमेंट को प्रभावित किया। विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक बाजारों से मिल रहे मिश्रित संकेतों और लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई पर चल रहे भारतीय बाजार में शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स द्वारा मुनाफा वसूलने के कारण सूचकांकों में यह तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निफ्टी 23,950 के अहम सपोर्ट लेवल को बरकरार नहीं रख सका।

बिकवाली के बीच अशोका बिल्डकॉन के शेयरों में आया 14 फीसदी का भूचाल भले ही मुख्य सूचकांक लाल निशान में बंद हुए हों, लेकिन मिडकैप और इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेस में कुछ काउंटरों पर जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। आज के सत्र का सबसे बड़ा आकर्षण अशोका बिल्डकॉन (Ashoka Buildcon) का शेयर रहा। कंपनी को मिले नए बड़े ऑर्डर्स और मजबूत कारोबारी आउटलुक की खबरों के दम पर इस स्टॉक में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया, जिसके चलते अशोका बिल्डकॉन का शेयर 14 प्रतिशत से ज्यादा की भारी बढ़त के साथ ब्लॉकबस्टर परफॉर्मर साबित हुआ। इस शेयर में आए बड़े वॉल्यूम ने यह साफ कर दिया कि बाजार की गिरावट के बावजूद चुनिंदा मिडकैप शेयरों में एक्शन भरपूर है।

आगे के लिए क्या है मार्केट एक्सपर्ट्स की राय और मुख्य सपोर्ट लेवल्स तकनीकी विश्लेषकों और बाजार के जानकारों के मुताबिक, निफ्टी का 23,950 के नीचे जाना अल्पकालिक कमजोरी का संकेत दे सकता है। आने वाले दिनों में बाजार के लिए नीचे की तरफ अगला मजबूत सपोर्ट अब 23,800 के स्तर पर देखा जा रहा है। अगर बाजार इस स्तर को भी तोड़ता है, तो गिरावट बढ़ सकती है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि इस गिरावट को एक स्वस्थ सुधार (Healthy Correction) के रूप में देखा जाना चाहिए। रिटेल निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे ऐसे उतार-चढ़ाव वाले बाजार में केवल मजबूत फंडामेंटल वाले और अच्छी क्वालिटी के शेयरों में ही गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी (Buy on Dips) की रणनीति अपनाएं।