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श्रद्धालुओं की गिनती से लेकर संदिग्धों की पहचान तक, अब सब करेगा AI, यूपी के मंदिरों में हुआ बड़ा बदलाव

News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश के तीन सबसे बड़े और संवेदनशील धार्मिक स्थलों – अयोध्या में भव्य राम मंदिर, वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम और गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर – की सुरक्षा अब एक नए और बेहद उन्नत स्तर पर पहुंचने वाली है। प्रदेश सरकार इन तीनों मंदिरों की निगरानी के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस कैमरों का इस्तेमाल करने जा रही है। ये सिर्फ सामान्य सीसीटीवी कैमरे नहीं होंगे, बल्कि इन्हें ‘तीसरी आंख’ कहा जा सकता है जो न केवल हर हरकत पर नजर रखेंगे, बल्कि खुद सोचने-समझने और अलर्ट भेजने में भी सक्षम होंगे।इस हाई-टेक सुरक्षा प्रणाली का मुख्य उद्देश्य इन मंदिरों में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित और सुगम माहौल प्रदान करना है।क्या है यह AI कैमरा टेक्नोलॉजी और यह कैसे काम करेगी?यह कोई साधारण सर्विलांस सिस्टम नहीं है। AI से लैस ये कैमरे कई ऐसे काम कर सकते हैं जो इंसान के लिए मुश्किल या लगभग नामुमकिन हैं:सटीक गिनती और भीड़ का प्रबंधन: ये कैमरे मंदिर परिसर में आने-जाने वाले हर एक व्यक्ति की सटीक गिनती करेंगे। इससे यह पता लगाने में आसानी होगी कि किसी भी समय मंदिर में कितने लोग मौजूद हैं। अगर भीड़ एक निश्चित सीमा से ज्यादा बढ़ती है, तो सिस्टम अपने आप कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा, जिससे भगदड़ जैसी स्थितियों को होने से पहले ही रोका जा सकेगा।चेहरा पहचानने की तकनीक (Face Recognition): इन कैमरों के डेटाबेस में संदिग्धों और अपराधियों के चेहरे पहले से फीड रहेंगे। जैसे ही कोई सूचीबद्ध व्यक्ति कैमरे की नजर में आएगा, यह सिस्टम तुरंत सुरक्षाकर्मियों को सूचित कर देगा। इससे जेबकतरों, चोरों और अन्य असामाजिक तत्वों को पकड़ना बहुत आसान हो जाएगा।संदिग्ध व्यवहार की पहचान: ये कैमरे किसी व्यक्ति के असामान्य व्यवहार, जैसे कहीं पर लावारिस बैग छोड़ना, प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने की कोशिश करना या अजीब हरकतें करने पर भी नजर रखेंगे और तुरंत अलर्ट जारी करेंगे।हर गतिविधि का सटीक रिकॉर्ड: इन कैमरों से मिला डेटा पूरी तरह से सटीक और वेरिफाइड होगा, जिसका विश्लेषण करके भविष्य की सुरक्षा योजनाओं और श्रद्धालु प्रबंधन को और बेहतर बनाया जा सकेगा।क्यों पड़ी इस सिस्टम की जरूरत?अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है। इसी तरह काशी विश्वनाथ धाम और गोरखनाथ मंदिर में भी हर दिन लाखों लोग दर्शन करने आते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बहुत बड़ी चुनौती है। यह AI आधारित निगरानी प्रणाली इस चुनौती से निपटने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे न केवल सुरक्षा चाक-चौबंद होगी, बल्कि श्रद्धालुओं का अनुभव भी बेहतर और सुरक्षित होगा।यह कदम योगी आदित्यनाथ सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें प्रदेश के धार्मिक स्थलों को विश्व स्तरीय सुविधाओं और अभेद्य सुरक्षा से लैस करना शामिल है।