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सऊदी अरामको ऑयल फील्ड पर ड्रोन अटैक से हड़कंप: मलबे की चपेट में आने से नेपाली समेत 2 की मौत, एक भारतीय नागरिक घायल

पश्चिम एशिया के अशांत माहौल के बीच सऊदी अरब के रणनीतिक तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दुनिया की सबसे बड़ी कच्चा तेल निर्यातक कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) के शायबाह (Shaybah) ऑयल फील्ड स्थित एक प्रमुख प्रोसेसिंग प्लांट को निशाना बनाकर संदिग्ध ड्रोन हमला किया गया है। सऊदी अरब के एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते खतरे को भांपते हुए ड्रोन को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया, लेकिन उसके जलते हुए मलबे और छर्रों के नीचे गिरने से मौके पर काम कर रहे दो विदेशी कर्मचारियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस ताजा घटनाक्रम के बाद खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा संयंत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में तनाव की लहर दौड़ गई है।

शायबाह ऑयल फील्ड पर आसमान से बरसी तबाही: सऊदी ऊर्जा मंत्रालय की पुष्टि

सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of Energy) ने इस हमले और उसके बाद हुए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि की है। मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, पूर्वी प्रांत में स्थित अरामको के शायबाह प्रोजेक्ट की प्रोसेसिंग यूनिट को टारगेट करने के इरादे से यह ड्रोन भेजा गया था। सऊदी रक्षा प्रणाली ने मुस्तैदी दिखाते हुए ड्रोन को टारगेट तक पहुंचने से पहले ही आसमान में भेद दिया। हालांकि, विस्फोट के बाद भारी धातु और जलते हुए मलबे के टुकड़े सीधे ग्राउंड पर मौजूद वर्किंग एरिया में जा गिरे। इस मलबे की चपेट में आने से नेपाल और फिलीपींस के दो प्रवासियों की मौके पर ही जान चली गई। वहीं घायल हुए दो कर्मचारियों में एक भारतीय नागरिक और दूसरा पाकिस्तानी श्रमिक शामिल है। घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर नजदीकी मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।

क्या तेल उत्पादन पर पड़ा कोई असर? अरामको ने संभाली स्थिति

अरामको की शायबाह फैसिलिटी सऊदी अरब के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील तेल क्षेत्रों में गिनी जाती है, जहां से रोजाना लाखों बैरल उच्च गुणवत्ता वाले सुपर-लाइट कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस तरल पदार्थ (NGL) का उत्पादन होता है। ड्रोन के मलबे के गिरने के बाद संयंत्र के सीमित हिस्से में आग लगने की सूचना मिली थी, जिसे अरामको के आपातकालीन फायरफाइटिंग और डिजास्टर मैनेजमेंट दल ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही देर में पूरी तरह बुझा दिया। अधिकारियों के अनुसार, मुख्य स्टोरेज और क्रूड प्रोसेसिंग पाइपलाइनों को कोई संरचनात्मक क्षति नहीं पहुंची है और तेल उत्पादन का संचालन सामान्य गति से जारी है। हालांकि, संयंत्र और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा घेरा बेहद कड़ा कर दिया गया है और अतिरिक्त वायु रक्षा तोपें तैनात कर दी गई हैं।

हूती विद्रोहियों के रडार पर तेल प्रतिष्ठान और बढ़ता क्षेत्रीय तनाव

यमन के ईरान समर्थित हूती (Houthi) विद्रोही इससे पहले भी सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, रिफाइनरियों और तेल पाइपलाइनों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और लंबी दूरी के सुसाइड ड्रोन्स से दर्जनों हमले कर चुके हैं। हालांकि इस ताजा घटना को लेकर अभी तक हूती नेतृत्व की ओर से औपचारिक जिम्मेदारी लेने का बयान सामने नहीं आया है और सऊदी अधिकारियों ने भी किसी विशिष्ट संगठन का नाम लेने के बजाय समग्र जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन हमले का पैटर्न और टारगेट सीधे तौर पर हूती विद्रोहियों की पुरानी कार्यशैली से मेल खाता है। लाल सागर (Red Sea) में जहाजों पर जारी हमलों के बीच जमीनी तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की यह घटना पूरे मिडिल ईस्ट में संघर्ष के नए सिरे से भड़कने का संकेत मानी जा रही है।

भारतीय दूतावास सक्रिय: घायल नागरिक की मदद के लिए उठाए कदम

सऊदी अरब में लाखों भारतीय प्रवासी कामगार ऑयल, गैस, कंस्ट्रक्शन और आईटी सेक्टर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जैसे ही हमले में एक भारतीय नागरिक के घायल होने की खबर सार्वजनिक हुई, रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा वाणिज्य दूतावास ने सऊदी प्रशासन व स्थानीय अरामको अधिकारियों से तुरंत संपर्क साधा है। राजनयिक अधिकारियों द्वारा घायल भारतीय श्रमिक की पहचान, मेडिकल स्थिति और हरसंभव चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही पीड़ित परिवार से संपर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद खाड़ी देशों में काम कर रहे एशियाई कामगारों और उनके परिवारों के बीच सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता देखने को मिल रही है, जिसे देखते हुए बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अपनी रिस्क पॉलिसी और शेल्टर प्रोटोकॉल की दोबारा समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।