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1992 विश्व कप विजेता मोईन खान ने तोड़ी चुप्पी: इमरान खान के समर्थन में उतरे

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और 1992 विश्व कप विजेता टीम के प्रमुख विकेटकीपर बल्लेबाज मोईन खान ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थन में सार्वजनिक रूप से आवाज उठाई है। रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद 73 वर्षीय इमरान खान की गिरती सेहत और चिकित्सा उपेक्षा की खबरों के बीच मोईन खान ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी किया है। उन्होंने पाकिस्तान सरकार और जेल प्रशासन से एक पूर्व प्रधानमंत्री व राष्ट्रीय नायक के बुनियादी अधिकारों का सम्मान करने की मांग की है। मोईन खान ने देश के सभी वर्तमान और पूर्व क्रिकेटरों से आह्वान किया कि वे अपने पूर्व कप्तान के प्रति कृतज्ञता दिखाते हुए एकजुट होकर उनके मानवीय अधिकारों के लिए आगे आएं।

'पाकिस्तान क्रिकेट को इमरान ने बहुत कुछ दिया': मोईन खान की भावुक अपील

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा किए गए अपने वीडियो संदेश में मोईन खान ने कहा कि इमरान खान केवल एक पूर्व राजनेता नहीं हैं, बल्कि वे पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास के सबसे बड़े स्तंभ हैं। उन्होंने कहा, "हमारे कप्तान इमरान खान अदियाला जेल में बंद हैं और मौजूदा समय में उनकी शारीरिक स्थिति काफी चिंताजनक है। मैं एक बार फिर पाकिस्तान सरकार और जेल प्रशासन से अपील करता हूं कि पूर्व प्रधानमंत्री और देश के नागरिक के रूप में उनके मेडिकल इलाज के अधिकार को सुनिश्चित किया जाए। मैं सभी पाकिस्तानी क्रिकेटरों से भी विशेष आग्रह करता हूं कि वे इमरान खान के समर्थन में बोलें। हममें से जिन खिलाड़ियों ने उनके नेतृत्व में खेला, उन्होंने इमरान से बहुत कुछ सीखा है और देश के क्रिकेट के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।"

जावेद मियांदाद के बाद मोईन खान बने दूसरे प्रमुख पाकिस्तानी खिलाड़ी

इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान के भीतर मौजूदा राजनीतिक माहौल और सुरक्षा कारणों के चलते ज्यादातर पाकिस्तानी खिलाड़ी इस मुद्दे पर सार्वजनिक बयानबाजी से बचते रहे हैं। ऐसे माहौल में मोईन खान से पहले पाकिस्तान के महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद ने एक पॉडकास्ट में इमरान खान की स्थिति पर गहरा दुख जताया था। मियांदाद ने कहा था कि इमरान खान के साथ जो कुछ हो रहा है, वह गलत और गैर-जरूरी है। उन्होंने कहा कि इमरान खान ने पाकिस्तान को क्रिकेट के शिखर पर पहुंचाया था और उन्हें जेल में इस तरह देखना हर साथी खिलाड़ी के लिए बेहद पीड़ादायक है। अब मोईन खान के इस बयान से पाकिस्तान के क्रिकेट जगत में एक नई बहस छिड़ गई है।

दुनिया भर के 22 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

इमरान खान के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट जगत पहले ही एकजुट हो चुका है। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर ग्रेग चैपल के नेतृत्व में दुनिया भर के 22 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एक संयुक्त पत्र भेजा है। इस पत्र पर भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव, सुनील गावस्कर और दिलीप वेंगसरकर के अलावा इंग्लैंड के सर एलिस्टेयर कुक, माइकल एथर्टन, नासिर हुसैन और ऑस्ट्रेलिया के स्टीव वॉ, एडम गिलक्रिस्ट व एलन बॉर्डर जैसे दिग्गजों ने हस्ताक्षर किए हैं। इन सभी दिग्गजों ने मांग की है कि राजनीतिक और कानूनी मामलों से परे हटकर 73 वर्षीय इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार व्यक्तिगत डॉक्टरों द्वारा स्वतंत्र और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा दी जाए तथा परिवार से उनकी नियमित मुलाकातें जारी रखी जाएं।

पैट कमिंस और कपिल देव ने भी की मानवीय गरिमा की वकालत

ऑस्ट्रेलियाई टीम के मौजूदा कप्तान पैट कमिंस भी इमरान खान के मानवीय अधिकारों के समर्थन में आगे आए हैं। कमिंस ने कहा कि इमरान खान के साथ वह गरिमापूर्ण और उचित मानवीय व्यवहार होना चाहिए जिसके वे हकदार हैं। वहीं भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने साफ किया कि यह किसी देश के कानून या आंतरिक राजनीति में दखल नहीं है, बल्कि एक पूर्व साथी खिलाड़ी और दोस्त के प्रति मानवीय चिंता है। कपिल देव ने यह भी कहा था कि वह पाकिस्तान में रह रहे खिलाड़ियों को चुप रहने के लिए दोषी नहीं ठहराते क्योंकि उन्हें उसी माहौल में रहना है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बिरादरी का यह कर्तव्य है कि वह अपने महान खिलाड़ी के लिए निष्पक्ष आवाज उठाए।

गिरती सेहत और आंखों की रोशनी को लेकर परिवार की गहरी चिंता

इमरान खान के बेटे सुलेमान और कासिम खान ने हाल ही में स्काई स्पोर्ट्स को दिए एक अंतरराष्ट्रीय साक्षात्कार में अपने पिता के जीवन और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। परिवार का आरोप है कि जेल में लंबे समय तक एकांत कारावास (Isolation) और समय पर पर्याप्त चिकित्सकीय देखभाल न मिलने के कारण इमरान खान की दाहिनी आंख की दृष्टि काफी कमजोर हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें कुछ समय के लिए मेडिकल जांच के लिए अस्पताल तो ले जाया गया था, लेकिन उन्हें तुरंत वापस जेल भेज दिया गया। मोईन खान की इस खुली अपील के बाद अब पाकिस्तान के अन्य पूर्व खिलाड़ियों पर भी अपनी चुप्पी तोड़ने का दबाव बढ़ रहा है।