
News India Live, Digital Desk: बिहार में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। सत्ताधारी एनडीए (NDA) ने सभी पांचों सीटों पर अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व ‘घेराबंदी’ शुरू कर दी है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पटना स्थित आवास पर हुई हाई-प्रोफाइल बैठक में गठबंधन के सभी 202 विधायकों को अगले 4 दिनों तक (16 मार्च तक) पटना में ही रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।एनडीए का ‘मिशन 5/5’: सीटों का गणितबिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। तकनीकी तौर पर एनडीए के पास 4 सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्याबल है, लेकिन पांचवीं सीट के लिए ‘शह और मात’ का खेल जारी है।जादुई आंकड़ा: एक सीट जीतने के लिए 41 प्रथम वरीयता के वोट चाहिए।एनडीए की ताकत: बीजेपी, जेडीयू और सहयोगियों के पास कुल 202 विधायक हैं। (4 सीटें = 164 वोट, शेष = 38 वोट)।चुनौती: पांचवीं सीट सुरक्षित करने के लिए एनडीए को 3 अतिरिक्त वोटों की दरकार है।विधायकों की ‘किलेबंदी’ क्यों?सम्राट चौधरी के आवास पर हुई डिनर मीटिंग के दौरान रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:क्रॉस-वोटिंग रोकना: विपक्ष की किसी भी संभावित ‘सेंधमारी’ को नाकाम करने के लिए विधायकों को एकजुट रखा जा रहा है।वोटिंग की ट्रेनिंग: एनडीए में कई विधायक पहली बार राज्यसभा चुनाव में मतदान करेंगे। उन्हें वोटिंग की बारीकियों और वरीयता क्रम (Preference) के बारे में विस्तार से समझाया गया है।संपर्क अभियान: एनडीए नेताओं का दावा है कि विपक्ष के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, जिससे वे पांचवीं सीट भी जीतने का दम भर रहे हैं।मैदान में कौन-कौन?एनडीए ने अपने 5 दिग्गजों को मैदान में उतारा है:नीतीश कुमार (JDU): मुख्यमंत्री पद छोड़ने की चर्चाओं के बीच राज्यसभा उम्मीदवार।नितिन नवीन (BJP): बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष।रामनाथ ठाकुर (JDU): कर्पूरी ठाकुर के पुत्र और अनुभवी नेता।उपेंद्र कुशवाहा (RLM): एनडीए के प्रमुख सहयोगी।शिवेश राम (BJP): पार्टी का दलित चेहरा।वहीं, विपक्ष की ओर से आरजेडी (RJD) ने एडी सिंह (अमरेंद्र धारी सिंह) को मैदान में उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
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