News India Live, Digital Desk: अप्रैल के महीने में जहां चिलचिलाती धूप और लू का सितम होना चाहिए था, वहीं बिहार में कुदरत के बदले मिजाज ने सबको हैरान कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी पटना और उत्तर बिहार के चंपारण समेत राज्य के 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश, वज्रपात (बिजली गिरना) और ओलावृष्टि को लेकर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण अगले 48 घंटों तक सूबे में मौसम का मिजाज बेहद तल्ख रहने वाला है।इन जिलों में मंडरा रहा है खतरा, ओलावृष्टि की चेतावनीमौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, उत्तर बिहार के 12 जिलों— पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, पूर्णिया और किशनगंज में स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और बड़े आकार के ओले गिरने की प्रबल आशंका है। वहीं, दक्षिण बिहार के पटना, गया, नालंदा और वैशाली जैसे जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दी गई है।खेती-किसानी पर संकट, किसानों को विशेष हिदायतअचानक आए इस मौसमी बदलाव ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। खेतों में तैयार खड़ी गेहूं और दलहन की फसलों को ओलावृष्टि और तेज हवाओं से भारी नुकसान पहुंच सकता है। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान खेतों में न जाएं और ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर रहें। वज्रपात के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से पक्के मकानों में शरण लेने की अपील की है। विशेष रूप से उत्तर बिहार के कोसी और सीमांचल इलाकों में भारी बारिश जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।पारा लुढ़का, गर्मी से राहत लेकिन ‘आसमानी आफत’ का डरबारिश और ठंडी हवाओं के कारण बिहार के अधिकांश शहरों के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। जहां दो दिन पहले पारा 38 डिग्री के पार जा रहा था, वहीं अब लोगों को दिन में भी ठंडक का एहसास हो रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि 11 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने वाला है, जिससे आने वाले एक सप्ताह तक उमस भरी गर्मी से तो राहत रहेगी, लेकिन ‘आसमानी आफत’ का खतरा बना रहेगा। फिलहाल, बिजली विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि आंधी से बाधित होने वाली आपूर्ति को जल्द बहाल किया जा सके।
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