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आंध्र प्रदेश में हाहाकार पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भारी भीड़, सैकड़ों पंप हुए ड्राई, सीएम नायडू ने दिए जांच के आदेश

News India Live, Digital Desk:आंध्र प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत के चलते अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया है। राज्य के सैकड़ों पेट्रोल पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लटक गए हैं, जिसके कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संकट की खबर फैलते ही लोगों में घबराहट (Panic Buying) फैल गई और जो पंप खुले थे, वहां लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को तत्काल रिपोर्ट सौंपने और आपूर्ति बहाल करने के कड़े निर्देश दिए हैं।अफवाहों ने बिगाड़ा खेल, आधी रात तक मची रही लूटपेट्रोल खत्म होने की अफवाह और कुछ तकनीकी कारणों से हुई देरी ने राज्य के चित्तूर, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और तिरुपति जैसे बड़े शहरों में संकट खड़ा कर दिया। सोशल मीडिया पर स्टॉक खत्म होने की खबरों के बाद लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए सड़कों पर उतर आए। स्थिति यह हो गई कि कई पेट्रोल पंपों पर पुलिस को तैनात करना पड़ा ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। तेल कंपनियों का कहना है कि मांग अचानक बढ़ने से लॉजिस्टिक चेन पर दबाव बढ़ गया है।सीएम चंद्रबाबू नायडू का एक्शन मोडमुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए नागरिक आपूर्ति विभाग और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ आपातकालीन समीक्षा की है। सीएम नायडू ने स्पष्ट किया है कि राज्य में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि यह संकट वितरण प्रणाली में आई बाधा और घबराहट में की गई खरीदारी के कारण हुआ है। उन्होंने कलेक्टरों को आदेश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि कालाबाजारी न हो और तेल के टैंकर जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचें।तेल कंपनियों ने दी सफाई: सप्लाई में कहां आई अड़चन?सूत्रों के मुताबिक, तेल डिपो से पेट्रोल पंपों तक पहुंचने वाले टैंकरों के शेड्यूल में बदलाव और कुछ तकनीकी मरम्मत के कार्यों की वजह से पिछले 24-48 घंटों में सप्लाई प्रभावित हुई थी। हालांकि, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और इंडियन ऑयल (IOCL) के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि अतिरिक्त स्टॉक रवाना कर दिया गया है और अगले कुछ घंटों में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा स्टॉक न करें।परेशान जनता और विपक्षी निशानाइस बीच, विपक्षी दलों ने सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया है। पेट्रोल पंपों पर खड़े लोगों का कहना है कि उन्हें घंटों इंतजार के बाद भी तेल नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी दैनिक आजीविका और आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। खास तौर पर स्कूल बसें और एम्बुलेंस सेवाओं को लेकर चिंता जताई जा रही है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक सेवाओं को ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है।