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ट्रंप का जोरदार पलटवार जब रिपोर्टर ने पढ़ने की कोशिश की हमलावर की घृणित चिट्ठी तो भड़क उठे पूर्व राष्ट्रपति

News India Live, Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2024 के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप और मीडिया के बीच की तल्खी कम होने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान माहौल उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गया जब एक रिपोर्टर ने ट्रंप पर हमला करने वाले शख्स के ‘मैनिफेस्टो’ (घोषणापत्र) के अंश पढ़ने शुरू कर दिए। इन अंशों में ट्रंप के चरित्र पर गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसे सुनकर ट्रंप अपना आपा खो बैठे और उन्होंने कैमरे के सामने ही रिपोर्टर को टोकते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।लाइव इवेंट में हंगामा: रिपोर्टर के सवाल पर बिफरे ट्रंपघटना उस समय की है जब ट्रंप पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। इसी बीच एक पत्रकार ने उस हमलावर की चिट्ठी का जिक्र किया जिसने ट्रंप को निशाना बनाने की कोशिश की थी। जैसे ही रिपोर्टर ने उस कथित घोषणापत्र में लिखे ‘रेपिस्ट’ और अन्य अपमानजनक शब्दों को पढ़ना शुरू किया, ट्रंप ने उसे बीच में ही रोक दिया। ट्रंप ने ऊंचे स्वर में कहा, “मैं कोई बलात्कारी नहीं हूं, और यह सब झूठ है। आप एक अपराधी और मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति की बकवास को यहां पढ़कर उसे मंच क्यों दे रहे हैं?”‘फेक न्यूज’ और ‘विक्टिम कार्ड’ पर ट्रंप का हमलाडोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरी घटना को उन्हें बदनाम करने की एक और साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया जानबूझकर उन लोगों के बयानों को हवा दे रहा है जो उनके खिलाफ नफरत फैलाना चाहते हैं। ट्रंप के समर्थकों का भी कहना है कि किसी हमलावर के मैनिफेस्टो को सार्वजनिक रूप से पढ़ना न केवल अनैतिक है, बल्कि यह हिंसा को बढ़ावा देने जैसा है। ट्रंप ने इसे ‘फेक न्यूज’ गिरोह की एक नई चाल बताया।हमलावर का मैनिफेस्टो और सुरक्षा एजेंसियांरिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप पर हमले की कोशिश करने वाले संदिग्ध ने एक विस्तृत दस्तावेज छोड़ा था, जिसमें उसने ट्रंप की नीतियों और उनके निजी जीवन पर कई आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां इस दस्तावेज की जांच कर रही हैं, लेकिन ट्रंप का मानना है कि इसे मीडिया में उछालना उनके राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ऐसी धमकियों और झूठे आरोपों से डरने वाले नहीं हैं।अमेरिकी राजनीति में नया मोड़इस घटना ने अमेरिका के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप के विरोधियों का कहना है कि सार्वजनिक महत्व के दस्तावेजों पर सवाल पूछना मीडिया का हक है, वहीं रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने इसे राष्ट्रपति के प्रति “मीडिया की क्रूरता” करार दिया है। इस तीखी बहस के बाद यह साफ हो गया है कि राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भी प्रेस के साथ उनके रिश्ते चुनौतीपूर्ण बने रहेंगे।