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रवि किशन के मछली वाले बयान पर अखिलेश यादव का पलटवार बंगाल चुनाव में बढ़ा सियासी पारा

News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान भोजपुरी स्टार और बीजेपी सांसद रवि किशन के एक बयान ने उत्तर प्रदेश से लेकर बंगाल तक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। रवि किशन द्वारा बंगाल में मछली खाने को लेकर दिए गए बयान पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है।क्या था रवि किशन का विवादित बयान?पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पक्ष में चुनाव प्रचार करते हुए रवि किशन ने टीएमसी (TMC) पर निशाना साधा। उन्होंने एक जनसभा में कहा:”फेक नैरेटिव”: उन्होंने टीएमसी पर आरोप लगाया कि वह मछली को लेकर बीजेपी के खिलाफ झूठा प्रचार कर रही है।”4 गुना ज्यादा मछली खाओ”: रवि किशन ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा, “4 मई (चुनाव परिणाम का दिन) के बाद बंगाल के लोग 4 गुना ज्यादा मछली खाएंगे, क्योंकि तब राज्य में राम राज्य आएगा और डर का माहौल खत्म होगा।”अखिलेश यादव का पलटवारसपा प्रमुख अखिलेश यादव, जो इस चुनाव में ममता बनर्जी और टीएमसी को अपना समर्थन दे रहे हैं, ने रवि किशन के इस बयान को बंगाल की संस्कृति का अपमान बताया है।संस्कृति पर प्रहार: अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के नेता बंगाल की खान-पान की परंपराओं और जीवनशैली को नहीं समझते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग खुद को ‘राम भक्त’ बताते हैं, वे अब मछली खाने की वकालत कर रहे हैं, जो उनकी वैचारिक दोहरी मानसिकता (Double Standards) को दर्शाता है।मुद्दों से ध्यान भटकाना: अखिलेश ने आरोप लगाया कि बीजेपी बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए ‘मछली’ और ‘खान-पान’ जैसे विषयों पर राजनीति कर रही है।बंगाल चुनाव 2026: यूपी के नेताओं की एंट्रीपश्चिम बंगाल के इस चुनाव में उत्तर प्रदेश के नेताओं की सक्रियता काफी बढ़ गई है:सीएम योगी आदित्यनाथ: वह पहले से ही बंगाल में धुआंधार रैलियां कर रहे हैं और टीएमसी पर ‘तुष्टीकरण’ का आरोप लगा रहे हैं।रवि किशन: अपनी स्टार पावर के जरिए वह हिंदी भाषी और भोजपुरी भाषी मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रहे हैं।अखिलेश यादव: वह ममता बनर्जी के साथ खड़े होकर बीजेपी विरोधी मोर्चे को मजबूत कर रहे हैं।सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ #FishPoliticsरवि किशन के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर #FishPolitics और #BengaliCulture जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। टीएमसी समर्थकों ने इसे बीजेपी की ‘बाहरी’ मानसिकता करार दिया, जबकि बीजेपी समर्थकों का कहना है कि रवि किशन केवल टीएमसी द्वारा फैलाए जा रहे डर को खत्म करने की बात कर रहे थे।