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ममता बनर्जी का पुलिस और केंद्रीय बलों को कड़ा संदेश ,अब वे मुझे नहीं पहचानते, लेकिन याद रखें 29 के बाद मैं ही हूँ’

News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष रहने की चेतावनी दी और आरोप लगाया कि राज्य के कुछ पुलिसकर्मी अब सीधे भाजपा के निर्देशों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने तीखे लहजे में कहा, “आज ये पुलिस वाले मुझे नहीं पहचान रहे हैं, लेकिन याद रखें कि चुनाव के बाद भी उन्हें यहीं रहना है।”केंद्रीय बलों पर डराने का आरोप मुख्यमंत्री ने बंगाल में भारी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती और बख्तरबंद गाड़ियों (Armoured Vehicles) के इस्तेमाल पर हैरानी जताई। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा, “क्या इतने सारे सुरक्षा बलों को तैनात करके वे मुझे डराना चाहते हैं? मैं देखना चाहती हूं कि बख्तरबंद गाड़ियों में ज्यादा दम है या राज्य की जनता में।” उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल मतदाताओं को प्रभावित करने और ईवीएम (EVM) कैप्चरिंग की कोशिशों में भाजपा की मदद कर रहे हैं।EVM और ‘लोड शेडिंग’ को लेकर अलर्ट ममता बनर्जी ने अपनी रैलियों में टीएमसी कार्यकर्ताओं को ईवीएम की सुरक्षा के लिए ‘पहरेदारी’ करने का निर्देश दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले चरण के दौरान कई जगहों पर ‘लोड शेडिंग’ (बिजली कटौती) की खबरें आई हैं, जो ईवीएम के साथ छेड़छाड़ का संकेत हो सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे पोलिंग बूथ से लेकर स्ट्रॉन्ग रूम तक मशीनों की निगरानी करें। मुख्यमंत्री ने कहा, “2021 में नंदीग्राम में भी बिजली जाने के बाद ही खेल बदला था, इस बार हम ऐसा नहीं होने देंगे।”पुलिस अधिकारियों को सीधी चेतावनी राज्य पुलिस के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ अधिकारी भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी की लिस्ट तैयार की गई है। उन्होंने चेतावनी दी, “अगर एक भी टीएमसी कार्यकर्ता को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया, तो हजारों महिलाएं सड़कों पर उतरेंगी।” उन्होंने आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों को याद दिलाया कि वे किसी राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि जनता के सेवक हैं और उन्हें अपनी संवैधानिक मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए।चुनाव के मुख्य समीकरण:दूसरा चरण (29 अप्रैल): कोलकाता और आसपास की 142 सीटों पर मतदान होना है।बलों की तैनाती: संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों से निगरानी।विवाद: केंद्रीय बलों की भूमिका और राज्य पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल।टीएमसी का स्टैंड: बाहरी ताकतों के हस्तक्षेप के खिलाफ ‘जमीन की लड़ाई’ का आह्वान।