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भागलपुर में पेट्रोल-डीजल का भारी संकट! पंप ड्राई, घंटों भटकते रहे वाहन चालक-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

भागलपुर। सोमवार का दिन भागलपुर शहर के वाहन चालकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप या तो पूरी तरह खाली हो गए या आंशिक आपूर्ति के कारण कहीं पेट्रोल तो कहीं डीजल की भारी किल्लत बनी रही। एक पंप से दूसरे पंप तक भटकते लोग घंटों की मशक्कत के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए और शहर में अफरातफरी का माहौल छा गया।कचहरी से जीरोमाइल तक पसरी बेबसीशहर के तमाम अहम इलाकों में स्थिति एक जैसी और चिंताजनक रही। कचहरी चौक के पास स्थित वैभव पेट्रोल पंप पर डीजल पूरी तरह खत्म हो गया, जबकि जीरोमाइल और सबौर के पंपों पर पेट्रोल और डीजल दोनों का स्टॉक समाप्त हो गया। सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, लेकिन कुछ ही घंटों में पंपों पर ‘नो स्टॉक’ का बोर्ड टंग गया और दर्जनों वाहन चालकों को बिना ईंधन लिए ही मायूस होकर लौटना पड़ा।दफ्तर जाने वाले से लेकर ऑटो चालक तक सब परेशानइस ईंधन संकट की सबसे ज्यादा मार आम लोगों पर पड़ी। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूल बस संचालक, ऑटो-रिक्शा चालक और छोटे व्यापारी बुरी तरह प्रभावित हुए। कई लोगों ने बताया कि दो से तीन पंपों का चक्कर काटने के बावजूद उन्हें ईंधन नहीं मिल सका। ऑटो और निजी बसों की संख्या घटने से सार्वजनिक परिवहन भी बाधित हुआ और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।आपूर्ति में कमी या जमाखोरी— क्या है असली वजह?पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि अचानक मांग में वृद्धि और आपूर्ति में कमी इस संकट की मुख्य जड़ है। लेकिन यह सवाल भी जोर पकड़ रहा है कि समय रहते अतिरिक्त आपूर्ति की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। तेल कंपनियों और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय की कमी और वितरण तंत्र में खामी को भी इसकी वजह माना जा रहा है। साथ ही यह चर्चा भी तेज है कि संकट की खबर फैलते ही कुछ लोगों ने जरूरत से अधिक ईंधन भरवाना शुरू कर दिया, जिससे हालात और बिगड़ गए।प्रशासन का दावा— जल्द बहाल होगी आपूर्तिस्थानीय प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और जल्द ही आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। लेकिन शहरवासियों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट केवल एक दिन की चूक नहीं बल्कि ईंधन वितरण व्यवस्था की बड़ी विफलता का संकेत है। यदि समय रहते इस पर काबू नहीं पाया गया तो आने वाले दिनों में आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।