
News India Live, Digital Desk: आजकल रेस्टोरेंट्स और कैफे में ‘स्पार्कलिंग वॉटर’ (Sparkling Water) ऑर्डर करना एक नया स्टेटस सिंबल बन गया है। फिट रहने की चाह रखने वाले लोग इसे सादे पानी का एक हेल्दी और रिफ्रेशिंग विकल्प मानते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मेन्यू कार्ड पर दिखने वाला यह चमचमाता पानी वाकई आपकी सेहत बना रहा है या यह सिर्फ बोतल में बंद साधारण सोडा है? अक्सर लोग इन दोनों के बीच के बारीक अंतर को नहीं समझ पाते और अनजाने में ऐसी चीजों का सेवन कर लेते हैं जो उनके शरीर के लिए हानिकारक हो सकती हैं। आइए जानते हैं क्या है इन दोनों का असली सच और कैसे करें इनकी पहचान।क्या है स्पार्कलिंग वॉटर और कैसे होता है यह तैयार? स्पार्कलिंग वॉटर असल में वह पानी है जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड गैस को दबाव के साथ घोला जाता है। इसमें प्राकृतिक रूप से कुछ खनिज (Minerals) मौजूद हो सकते हैं, जो इसे एक अलग स्वाद देते हैं। इसे ‘कार्बोनेटेड वॉटर’ भी कहा जाता है। शुद्ध स्पार्कलिंग वॉटर में आमतौर पर कैलोरी, चीनी या कोई कृत्रिम स्वाद नहीं होता। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो मीठे कोल्ड ड्रिंक्स छोड़ना चाहते हैं लेकिन सादे पानी से ऊब चुके हैं।सोडा और क्लब सोडा: स्वाद के पीछे छिपा सोडियम का खेल वहीं दूसरी ओर, जब हम सोडा या ‘क्लब सोडा’ की बात करते हैं, तो इसमें कार्बन डाइऑक्साइड के साथ-साथ पोटेशियम बाइकार्बोनेट, पोटेशियम सल्फेट या सोडियम साइट्रेट जैसे मिनरल्स अलग से मिलाए जाते हैं। इनका इस्तेमाल पानी के स्वाद को बढ़ाने और उसे थोड़ा ‘नमकीन’ टच देने के लिए किया जाता है। हालांकि यह भी शुगर-फ्री हो सकता है, लेकिन इसमें मौजूद सोडियम की मात्रा उन लोगों के लिए चिंता का विषय हो सकती है जिन्हें ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारी है।मेन्यू कार्ड का मायाजाल: कहीं आपको धोखा तो नहीं दिया जा रहा? कई बार रेस्टोरेंट्स में ‘स्पार्कलिंग वॉटर’ के नाम पर साधारण क्लब सोडा परोस दिया जाता है। असली स्पार्कलिंग वॉटर (जैसे कि नेचुरल मिनरल वॉटर) जमीन के भीतर के स्रोतों से आता है और उसमें खनिज प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं। यदि आपके ग्लास में मौजूद पानी का स्वाद बहुत ज्यादा ‘खारा’ या ‘मेटैलिक’ है, तो समझ लीजिए कि वह प्राकृतिक स्पार्कलिंग वॉटर नहीं बल्कि प्रोसेस्ड सोडा है। ऐसे में ऑर्डर देने से पहले हमेशा ब्रांड और उसकी सामग्री (Ingredients) की जांच करना समझदारी है।सेहत पर असर: दांतों और पाचन के लिए क्या है बेहतर? विशेषज्ञों के अनुसार, स्पार्कलिंग वॉटर और सोडा दोनों ही अम्लीय (Acidic) होते हैं, जो दांतों के इनेमल को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, शुगर वाले सॉफ्ट ड्रिंक्स की तुलना में ये कहीं बेहतर हैं। यदि आप वजन कम करना चाहते हैं, तो बिना चीनी वाला स्पार्कलिंग वॉटर एक अच्छा साथी हो सकता है। लेकिन ध्यान रहे, अधिक मात्रा में कार्बोनेटेड पानी पीने से पेट फूलने (Bloating) या गैस की समस्या हो सकती है। इसलिए, प्यास बुझाने के लिए सादे पानी का कोई मुकाबला नहीं है।
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