
नई दिल्ली। कल यानी 1 मई से अंग्रेजी कैलेंडर का पांचवां महीना शुरू हो रहा है और इस बार मई का महीना कई मायनों में बेहद खास है। भीषण गर्मी के इस मौसम में भी आस्था और श्रद्धा का सिलसिला नहीं थमता। इस साल मई में हिंदू पंचांग के अनुसार एक दुर्लभ संयोग बन रहा है जो 19 साल बाद आया है। अधिक मास ज्येष्ठ में लगने की वजह से इस महीने 8 बड़े मंगल का संयोग बन रहा है जो करियर, धन और कर्ज मुक्ति के लिए बेहद शुभ माना जाता है।1 मई— बुद्ध पूर्णिमा और कूर्म जयंती से होगी शुभ शुरुआतमहीने का पहला दिन ही कई पर्वों का संगम लेकर आ रहा है। 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा व्रत, कूर्म जयंती और चंडिका जयंती एक साथ मनाई जाएंगी। हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों के लिए यह दिन अत्यंत पवित्र है।2 मई से शुरू होगा ज्येष्ठ मास, नारद जयंती का भी है संयोग2 मई को नारद जयंती के साथ ज्येष्ठ मास का आरंभ होगा। यह वही महीना है जिसमें इस साल अधिक मास लग रहा है और यही इस साल के मई को सबसे अलग बनाता है।5 मई को पहला बड़ा मंगल— हनुमान जी की विशेष कृपा का अवसर5 मई को एकदंत संकष्टी के साथ इस साल का पहला बड़ा मंगल पड़ेगा। इसके बाद 12 मई को दूसरा, 19 मई को तीसरा और 26 मई को चौथा बड़ा मंगल आएगा। हनुमान जी को समर्पित ये मंगलवार लखनऊ समेत पूरे उत्तर भारत में बड़ी धूमधाम से मनाए जाते हैं।16 मई को बनेगा दुर्लभ त्रिसंयोग— वट सावित्री, शनि जयंती और अमावस्या एक साथ16 मई का दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस दिन वट सावित्री व्रत, शनि जयंती और दर्श अमावस्या एक साथ पड़ रहे हैं। इसके अलावा मासिक कार्तिगाई और शनिश्चरी अमावस्या का भी संयोग बनेगा।25 मई को गंगा दशहरा— पुण्य और पाप मुक्ति का महापर्व25 मई को गंगा दशहरा मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और दान से दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। 27 मई को पद्मिनी एकादशी और 31 मई को ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा के साथ महीने का समापन होगा।
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