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‘ये तमन्ना भी पूरी कर दूंगा…’ जब सांसद चंद्रशेखर के प्रतिनिधि ने सरेआम सीओ को दी चुनौती, सिखा दिया कानून का पाठ

उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों और सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के प्रतिनिधि एक पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) से सीधे उलझते नजर आ रहे हैं। गरमागरमी इतनी बढ़ गई कि प्रतिनिधि ने पुलिस अधिकारी को सरेआम कानून का पाठ पढ़ा डाला और चुनौती भरे लहजे में कहा कि 'आपकी ये तमन्ना भी पूरी कर दूंगा'। इस तीखी बहस का वीडियो सामने आने के बाद से ही इलाके की राजनीति और प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।

पीड़ित पक्ष की पैरवी के दौरान अचानक भड़क उठे दोनों पक्ष

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा वाकया उस समय हुआ जब सांसद चंद्रशेखर आजाद के आधिकारिक प्रतिनिधि स्थानीय क्षेत्र की किसी समस्या या पीड़ित पक्ष की पैरवी करने के लिए पुलिस दफ्तर पहुंचे थे। बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) और सांसद प्रतिनिधि के बीच असहमति बन गई। देखते ही देखते दोनों ओर से आवाजें तेज हो गईं। प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय सत्ता के दबाव में काम कर रही है और आम जनता को परेशान किया जा रहा है।

कानून की धाराओं का दिया हवाला, वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

बहस के दौरान जब सीओ ने सख्त रुख अपनाने की कोशिश की, तो सांसद प्रतिनिधि ने बिल्कुल भी कदम पीछे नहीं खींचे। उन्होंने बेहद तल्ख अंदाज में अधिकारी से कहा कि वे कानून और अपनी सीमाओं को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने सीओ को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि जनता के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ कैसा बर्ताव किया जाना चाहिए, यह कानून में साफ लिखा है। इसी दौरान उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, 'अगर आपको लगता है कि आप डरा देंगे, तो आपकी ये तमन्ना भी मैं पूरी कर दूंगा।' वहां मौजूद किसी शख्स ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया जो अब इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है।

स्थानीय पुलिस और आजाद समाज पार्टी के बीच तनाव बढ़ा

इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति देखी जा रही है। समर्थकों का कहना है कि पुलिस जानबूझकर उनके नेताओं और प्रतिनिधियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि पुलिस सूत्रों का दावा है कि सरकारी काम में बाधा डालने और अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने के मामले में कानूनी राय ली जा रही है। फिलहाल इस मामले पर सांसद चंद्रशेखर आजाद की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय राजनीति पूरी तरह गर्मा गई है।