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मॉनसून का महा-अलर्ट: IMD ने बिहार-बंगाल समेत 25 राज्यों में दी भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी, यूपी-दिल्ली अभी भी लू से बेहाल

देशभर में भीषण गर्मी और उमस का सामना कर रहे लोगों के लिए मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है, वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाके अब भी तप रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जून 2026 के लिए एक बड़ा अपडेट जारी करते हुए देश के करीब 25 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का महा-अलर्ट जारी किया है। कई राज्यों में मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसने वाली है, तो वहीं उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी लू (Heat Wave) का प्रकोप बना रहेगा।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में मॉनसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। राहत की बात यह है कि अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मॉनसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और नए इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: असम, मेघालय और बंगाल में मूसलाधार आफत

मौसम विभाग ने 28 जून को देश के पूर्वोत्तर और पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार और अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:

  • असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और अलग-अलग हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इस पहाड़ी क्षेत्र में भी कई स्थानों पर मूसलाधार वर्षा के साथ अलग-अलग पॉकेट्स में रिकॉर्डतोड़ बारिश होने की प्रबल आशंका है, जिससे भूस्खलन (Landslide) की स्थिति पैदा हो सकती है।

  • अरुणाचल प्रदेश और केरल-माहे: इन क्षेत्रों के अलग-अलग स्थानों पर भी बादलों के भीषण रूप से बरसने और भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है।

बिहार समेत देश के इन हिस्सों में भी बरसेंगे बदरा

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, पूर्वोत्तर के अलावा देश के कई अन्य हिस्सों में भी 28 जून को व्यापक रूप से वर्षा दर्ज की जाएगी। प्रभावित होने वाले प्रमुख राज्य इस प्रकार हैं:

  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार और ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की पूरी संभावना है। इसके साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

  • मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ (महाराष्ट्र) और कोंकण व गोवा के अलग-अलग इलाकों में झमाझम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल, लक्षद्वीप और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। इस दौरान तटीय कर्नाटक में तेज और झोंकेदार सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

दिल्ली-NCR से राजस्थान और यूपी तक आंधी-तूफान का तांडव

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है:

  • अंडमान और निकोबार में थंडरस्कॉल: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किमी प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल (तीव्र आंधी) आने की गंभीर आशंका है।

  • 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली: पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान, केरल, माहे, कोंकण व गोवा, लक्षद्वीप और तमिलनाडु में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, धूलभरी आंधी आने और बिजली कड़कने की संभावना है।

  • 30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक और सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। वहीं पंजाब, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के बाकी राज्यों में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार में लू का कहर; जानें कब मिलेगी राहत

जहां एक तरफ मॉनसून के बादल देश के बड़े हिस्से को सराबोर कर रहे हैं, वहीं उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों को अभी दो से तीन दिन और भीषण गर्मी और उमस की दोहरी मार झेलनी होगी:

  • उत्तर प्रदेश: यूपी के लोगों के लिए अभी राहत की खबर नहीं है। पूरे उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी यूपी) के अलग-अलग इलाकों में लू से लेकर भीषण लू (Severe Heat Wave) की स्थिति बने रहने की गंभीर चेतावनी दी गई है।

  • दिल्ली और बिहार: दिल्ली-NCR, हरियाणा, चंडीगढ़ और बिहार के अलग-अलग पॉकेट्स में 28 जून को गर्म हवाएं (Heat Wave) चलने की संभावना जताई गई है, जिससे दिन के समय लू का अहसास होगा।

राहत की तारीख: हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 जून के बाद पूर्वी भारत में तापमान में 2-4°C की गिरावट आएगी। वहीं, उत्तर-西北 (उत्तर-पश्चिम) और मध्य भारत में 30 जून के बाद पारा 4-6°C तक नीचे गिर सकता है, जिससे जुलाई की शुरुआत के साथ ही लोगों को इस जानलेवा गर्मी से बड़ी राहत मिल जाएगी।

समुद्र में जाने से बचें: मछुआरों के लिए रेड वार्निंग जारी

विभिन्न मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने और गहरे दबाव के कारण समुद्र में स्थिति बेहद खतरनाक और अशांत रहने वाली है। इसलिए मौसम विभाग ने मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी है:

  • अरुणाचल/अरब सागर: सोमालिया तट और दक्षिण-पश्चिम व मध्य अरब सागर के हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे से लेकर 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इसके अलावा दक्षिण कोंकण, गोवा, कर्नाटक व केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

  • बंगाल की खाड़ी: मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम व दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, मध्य बंगाल की खाड़ी, तटीय आंध्र प्रदेश और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है, जिससे ऊंची लहरें उठ सकती हैं।