Wednesday , July 8 2026

Bangladesh Bomb Blast: ढाका के पास छात्र नेताओं की ‘NCP’ रैली में भीषण बम धमाका, 3 लोग गंभीर रूप से घायल; पूर्व पीएम शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर भारत का बड़ा बयान

पड़ोसी देश बांग्लादेश में तख्तापलट और भारी राजनीतिक उथल-पुथल के बाद भी जमीनी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं। देश के कई हिस्सों से अब भी लगातार हिंसा और अराजकता की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच एक बड़ी घटना में, राजधानी ढाका के नजदीक सावर (Savar) इलाके में नवगठित 'नेशनल सिटिजन पार्टी' (NCP) की एक जनसभा के दौरान जोरदार बम धमाका हुआ है। इस बम विस्फोट की चपेट में आने से कम से कम तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। गौरतलब है कि इस नई राजनीतिक पार्टी का नेतृत्व मुख्य रूप से वही छात्र नेता कर रहे हैं, जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के खिलाफ देशव्यापी हिंसक आंदोलन की अगुवाई की थी।

ईदगाह मैदान में चल रही रैली को आतंकवादियों ने बनाया निशाना

नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, आतंकवादियों ने सावर थाना स्टैंड स्थित ईदगाह मैदान को निशाना बनाकर इस बम ब्लास्ट को अंजाम दिया। यह हमला उस समय हुआ जब मैदान में पार्टी की 'पोस्ट-मार्च रैली' (Post-March Rally) चल रही थी। यह रैली 'जुलाई मार्च' के पहले दिन आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य देश में जनमत संग्रह (Referendum) लागू करने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने, देश के गंभीर बिजली संकट का स्थायी समाधान निकालने, दैनिक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण पाने और सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने जैसी बड़ी मांगों को लेकर जनता का समर्थन जुटाना था।

शेख हसीना के खिलाफ छात्र आंदोलन की दूसरी बरसी पर निकाला जा रहा मार्च

पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हुए ऐतिहासिक छात्र आंदोलन की दूसरी बरसी के मौके पर इस देशव्यापी मार्च की रूपरेखा तैयार की गई थी। इसके तहत पूरे जुलाई महीने में अलग-अलग राज्यों में मार्च निकालने का ऐलान किया गया है। याद दिला दें कि व्यापक विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बाद 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना अचानक बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं, जिसके बाद से ही वहां उनके और उनकी पार्टी अवामी लीग के खिलाफ लगातार उग्र प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

पूर्व पीएम शेख हसीना के प्रत्यर्पण (Extradition) रिक्वेस्ट पर भारत का बड़ा कदम

बांग्लादेश में मचे इस सियासी घमासान के बीच भारत सरकार के रुख पर भी पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। इस संबंध में भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि वह बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण के लिए ढाका की नई सरकार द्वारा भेजे गए औपचारिक अनुरोध (Note Verbale) की तय कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत समीक्षा कर रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से आंतरिक कानूनी प्रोटोकॉल और न्यायिक ढांचे के दायरे में चल रही है। भारत सरकार का यह बड़ा बयान ऐसे नाजुक समय पर आया है जब नई दिल्ली 'जुलाई क्रांति' के बाद ढाका में बनी नई अंतरिम व्यवस्था के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, ऊर्जा साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा को स्थिर व मजबूत बनाए रखना चाहती है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत इस पूरे मामले में बांग्लादेश की जनता के सर्वोत्तम हितों और लोकतांत्रिक स्थिरता को सर्वोपरि रखते हुए ही कोई अंतिम फैसला लेगा।