
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को देश में पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने अंतरराष्ट्रीय बाजार (Global Market) के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) के दाम रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए हैं, तो देश की आम जनता को इसका सीधा फायदा क्यों नहीं मिल रहा है? उन्होंने दावा किया कि सही कैलकुलेशन की जाए तो देश में इस समय पेट्रोल की कीमत काफी कम होनी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में $115 से गिरकर $70 पर आया क्रूड ऑयल
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल से भारी गिरावट के साथ अब 70 डॉलर प्रति बैरल पर आ चुकी है। जब कच्चे तेल की कीमत इतनी कम हो गई है, तो हमारे देश में भी तेल के दाम तुरंत घटने चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश में पेट्रोल की कीमत ₹102 प्रति लीटर तक कर दी गई है। उन्होंने आम जनता को राहत देने का एक नया गणित पेश करते हुए कहा:
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सामान्य कैलकुलेशन के हिसाब से: देश में पेट्रोल की कीमत ₹82 प्रति लीटर होनी चाहिए।
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E20 (20% एथनॉल मिश्रित) के हिसाब से: अगर सरकार एथनॉल ब्लेंडेड फ्यूल दे रही है, तो पेट्रोल की कीमत घटकर ₹70 प्रति लीटर हो जानी चाहिए।
केजरीवाल ने कहा कि यही नियम डीजल पर भी लागू होना चाहिए। अगर डीजल के दाम घटेंगे, तो माल ढुलाई सस्ती होगी और इससे देश में हर चीज की महंगाई अपने आप कम हो जाएगी।
"बंपर मुनाफे से नुकसान की भरपाई क्यों नहीं करती सरकार?"
सरकार और तेल कंपनियों द्वारा पुराने नुकसान की भरपाई करने के तर्कों पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल ने कहा, “जब-जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल बेहद सस्ता हुआ, केंद्र सरकार ने देश में कीमतें कम नहीं कीं। उस दौरान तेल कंपनियों को जो बंपर प्रॉफिट (भारी मुनाफा) हुआ, क्या उससे युद्ध या अन्य संकटों के समय हुए नुकसान को सेट-ऑफ (भरपाई) नहीं किया जा सकता? जनता से जो अभी ₹102 वसूले जा रहे हैं, उसे तुरंत कम किया जाना चाहिए।”
E20 ईंधन को लेकर 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों को अल्टीमेटम
पेट्रोल की कीमतों के अलावा अरविंद केजरीवाल ने एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20 Fuel) के इस्तेमाल से गाड़ियों को होने वाले नुकसान और माइलेज की चिंताओं को लेकर भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बुधवार को देश की 29 बड़ी ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनियों को आधिकारिक पत्र लिखकर गाड़ी के माइलेज और इंजन की सुरक्षा पर E20 ईंधन के पड़ने वाले असर पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। केजरीवाल ने सभी कंपनियों को 7 दिनों के भीतर अपना जवाब सौंपने का अल्टीमेटम दिया है।
उन्होंने बताया कि मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki), टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (Toyota Kirloskar) और हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) को विशिष्ट तकनीकी बिंदुओं पर अलग से पत्र भेजे गए हैं। जबकि बाकी 26 वाहन निर्माताओं को एक सामान्य पत्र भेजकर E20 ईंधन के इस्तेमाल और उपभोक्ताओं के मन में बैठी चिंताओं पर उनकी राय और डेटा मांगा गया है।
दिल्ली में मानसून की बदहाली पर भी बरसे केजरीवाल
दिल्ली में मानसून की पहली बारिश के बाद हुए भीषण जलभराव और चरमराए इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर केजरीवाल ने वर्तमान प्रशासन पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा:
“मुझे हंसी आती है कि मीडिया और विपक्षी लोग बार-बार केवल मिंटो ब्रिज की तस्वीर दिखाते हैं, जबकि मिंटो ब्रिज पर जलभराव की समस्या को हमारी सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान ही पूरी तरह ठीक कर दिया था। आज दिल्ली की स्थिति देखिए, जगह-जगह पानी भरा हुआ है, सड़कों पर कूड़े के ढेर हैं और सड़कें बुरी तरह टूट रही हैं। महज एक साल के अंदर इन्होंने दिल्ली का वो हाल कर दिया है जो यहाँ के लोगों ने पहले कभी नहीं देखा था।”
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