
व्रत-त्योहारों के मौसम में साबूदाना खिचड़ी हर घर की पहली पसंद होती है, लेकिन इसे परफेक्ट बनाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। कई बार लाख कोशिशों के बाद भी साबूदाना नॉन-स्टिक कढ़ाई में चिपक जाता है या फिरस आपस में मिलकर एक चिपचिपा हलवा बन जाता है, जिससे सारा स्वाद और मजा किरकिरा हो जाता है। अगर आपकी भी यही शिकायत रहती है कि आपकी बनाई खिचड़ी खिली-खिली नहीं बनती, तो अब परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। कुकिंग एक्सपर्ट्स और शेफ्स की एक बेहद आसान और शानदार ट्रिक अपनाकर आप भी रेस्टोरेंट जैसी खिली हुई और स्वादिष्ट साबूदाना खिचड़ी घर पर आसानी से तैयार कर सकते हैं, जिससे व्रत का आनंद दोगुना हो जाएगा।
साबूदाना भिगोने का सही तरीका और पानी का सटीक अनुपात
साबूदाना खिचड़ी को परफेक्ट और खिली हुई बनाने का सबसे पहला और मुख्य राज इसे भिगोने के सही तरीके में छिपा है। ज्यादातर लोग साबूदाना भिगोते समय उसमें जरूरत से ज्यादा पानी डाल देते हैं, जिसकी वजह से वह गल जाता है और पकते समय चिपचिपा हो जाता है। हमेशा ध्यान रखें कि साबूदाना धोने के बाद बर्तन में उतना ही पानी डालें जो साबूदाना की सतह से सिर्फ आधा इंच ऊपर हो। इसके बाद इसे कम से कम 4 से 5 घंटे या रातभर के लिए ढंककर रख दें। तय समय के बाद आप देखेंगे कि साबूदाना सारा पानी सोखकर एकदम खिला-खिला और अंदर से स्पंजी हो गया है, जिसे हाथ से दबाने पर वह आसानी से मैश हो जाए।
कढ़ाई में डालने से पहले अपनाएं यह खास ट्रिक, कभी नहीं चिपकेगा दाना
खिचड़ी बनाते समय साबूदाना कढ़ाई में न चिपके, इसके लिए एक और जरूरी टिप यह है कि पैन में घी या तेल गर्म करने के बाद उसमें उबले हुए आलू, हरी मिर्च और दरदरे पिसे हुए मूंगफली के दानों को अच्छी तरह भून लें। इसके बाद गैस की आंच को मध्यम रखें और साबूदाना डालने से ठीक पहले उसे एक बार हल्के हाथों से छानकर अलग कर लें। कढ़ाई में साबूदाना डालने के बाद उसे लगातार तेज करछी से न चलाएं, बल्कि हल्के हाथों से ऊपर-नीचे करें और स्वादानुसार सेंधा नमक व नींबू का रस मिला दें। नींबू का रस डालने से साबूदाना के दाने एक-दूसरे से चिपकते नहीं हैं और पूरी तरह खिले-खिले बनते हैं। इस छोटी सी ट्रिक से आपकी साबूदाना खिचड़ी न सिर्फ दिखने में शानदार बनेगी, बल्कि स्वाद में भी बेजोड़ होगी।
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